रांची: झारखंड के वीर शहीद एवं भारत के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी बाबा तिलका मांझी की जयंती के पावन अवसर पर आजसू पार्टी ने पूरे राज्य में सदस्यता अभियान की शुरुआत की. इस मौके पर पार्टी के सभी जिला प्रभारी एवं जिला कमिटी ने अपने-अपने जिला में सदस्यता अभियान का शुभारंभ किया. आजसू पार्टी ने 22 जून तक एक लाख सक्रिय सदस्य तथा 10 लाख साधारण सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है.
ईचागढ़ के नीमडीह प्रखण्ड के झिमड़ी में झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सुदेश कुमार महतो ने सदस्यता अभियान की शुरुआत की एवं कार्यकर्ता सम्मलेन को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि आज का दिन झारखंड के लिए ऐतिहासिक है. बाबा तिलका मांझी के बलिदान से प्रेरणा लेते हुए तथा पार्टी के नीति एवं सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए आज पूरे राज्य में आजसू के कार्यकर्ता पार्टी की सदस्यता ले रहें. आज से आजसू पार्टी ने पूरे राज्य में सदस्यता अभियान की शुरुआत कर एक नई क्रांति की नींव रखी है. साथ ही आज का दिन नए झारखंड के निर्माण के लिए एक नए आंदोलन के शुरुआत का भी दिन है. जनता की आवाज़ को सरकार तक पहुँचाने के लिए आजसू के कार्यकर्ता अब कमर कस चुके हैं. उन्होंने कहा कि शासन करना हमारा मक़सद नहीं है, बल्कि जनता के हक़ एवं अधिकार के लिए संघर्ष करना ही हमारा मकसद एवं हमारी पहचान है.
बाबा तिलका मांझी को किया नमन
सर्वप्रथम बाबा तिलका मांझी को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा तिलका मांझी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम सेनानी थे. वर्ष 1771 से 1784 तक बाबा तिलका मांझी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया. वह अंग्रेजों के आधुनिक हथियारों के सामने परंपरागत शस्त्रों से संघर्ष करते रहे और 13 जनवरी 1785 को उन्हें फांसी दे दी गई. क्रांति का बीजारोपण करनेवाले बाबा तिलका मांझी को इतिहास में खास महत्व नहीं दिया गया. लेकिन माँ भारती के इस वीर सपूत के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है.
भारत की स्वतंत्रता एवं जल, जंगल, जमीन तथा खनिज संपदाओं की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व न्योछावर करनेवाले शहीदों एवं क्रांतिकारियों की भूमि पर आज खनिजों का दोहन हो रहा है. अबुआ दिशुम, अबुआ राज के सपनों के साथ ये खिलवाड़ कोई बाहरी नहीं बल्कि हमारे अपने ही कर रहें. यह दुःखद एवं चिंतनीय विषय है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से वीर शहीदों के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया.
शहीद अजीत-धनंजय महतो की आदमकद प्रतिमा का अनावरण
झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सुदेश कुमार महतो ने कुकडू प्रखण्ड, ईचागढ़ में शहीद धनंजय महतो एवं शहीद अजीत महतो की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया. शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों एवं ग्रामीणों के अधिकार के लिए आंदोलन का बिगुल फूँकनेवाले शहीद अजीत-धनंजय महतो की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. अपनी माटी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करनेवाले इन दोनों शहीदों ने जाते-जाते अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा लिया. हक एवं अधिकार की लड़ाई लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देनेवाले वीर शहीदों की शहादत से युवाओं को प्रेरणा लेकर एक बेहतर एवं सशक्त झारखंड के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए.
मानभूम-जंगलमहल क्षेत्रीय प्रशासन का गठन हमारा उद्देश्य
सुदेश महतो ने कहा कि जंगल महल क्षेत्र की तरक्की के लिए स्वायत्त परिषद का गठन अनिवार्य है. जबतक बांकुड़ा, झाड़ग्राम, मिदनापुर, पुरुलिया के लोगों को उनका हक और अधिकार नहीं मिलेगा, तबतक आजसू पार्टी संघर्ष जारी रखेगी.
रांची में आजसू पार्टी केंद्रीय कार्यालय सर्वप्रथम अमर शहीद बाबा तिलका मांझी को श्रद्धांजलि अर्पित की. तत्पश्चात सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्रीय महासचिव राजेंद्र मेहता ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. बाबा तिलका मांझी के बलिदान से प्रेरणा लेते हुए तथा पार्टी के नीति एवं सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए आज पूरे राज्य में आजसू के कार्यकर्ता पार्टी की सदस्यता ले रहें.
पार्टी के रांची जिला अध्यक्ष संजय महतो ने कहा कि हमें बाबा तिलका मांझी की शहादत से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है. जल, जंगल, जमीन एवं अपने हक के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ना ही क्रांतिकारियों की पहचान है. आज से आजसू पार्टी ने भी पूरे राज्य में सदस्यता अभियान की शुरुआत कर एक नई क्रांति की नींव रखी है. जनता की आवाज़ को आजसू के कार्यकर्ता अब सरकार तक पहुंचाने के लिए कमर कस चुके हैं.
कार्यक्रम में केंद्रीय महासचिव राजेंद्र मेहता, रांची जिला परिषद अध्यक्ष सुकरा सिंह मुण्डा, जिप उपाध्यक्ष पार्वती देवी, केंद्रीय उपाध्यक्ष जयपाल सिंह, सरजीत मिर्धा, रामजीत गंझू, रामधन बेदीया, बनमाली मंडल, वर्षा गाड़ी, भरत काशी, रांची जिलाध्यक्ष संजय महतो, सुमन मुंडरी, सुमन पाहन, नईम अंसारी, महानगर अध्यक्ष ज्ञान सिंन्हा, सीमा सिंह, एतवा उरांव, अभिषेक राज, विरेंद्र तिवारी, राजन मुण्डा, जगरनाथ महतो, दिगम्बर महतो, सुनिल यादव, बंटी यादव, ओम वर्मा, ज्योत्सना केरकेट्टा इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित थे.

