BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

देश के 62करोड़ अन्नदाताओं के हितों की रक्षा के लिए सभी एकजुट हो-रामेश्वर उरांव

by bnnbharat.com
October 10, 2020
in समाचार
चीनी घुसपैठ पर झूठ बोलने वाले देशभक्त नहीं हो सकते : रामेश्वर उरांव
Share on FacebookShare on Twitter

किसानों को हल-जोत देकर किया सम्मानित

रांची. कृषि से संबंधित कानूनों में बदलाव को लेकर संसद में पारित तीन विधेयकों के खिलाफ कांग्र्रेस द्वारा चलाये जा रहे देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में आज राजधानी रांची में किसान सम्मेलन कर राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये किसानों को हल-जोत देकर सम्मानित किया गया और इस काले कानून के खिलाफ आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में आहूत किसान सम्मेलन को कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, कृषि मंत्री बादल, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक दीपिका पांडेय, इरफान अंसारी, ममता देवी समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया.

राजधानी रांची के डिप्टी पाड़ा स्थित डॉ. रामेश्वर उरांव के सरकारी आवास में सोशल डिस्टेसिंग के साथ आयोजित किसान सम्मेलन में भाजपा सरकार द्वारा संसदीय परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत जबरन पारित किये गये किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य ( संवर्धन और सुविधा ) विधेयक 2020 , किसान सशक्तीकरण और संरक्षण मूल्य आश्वासन कृषि सेवा विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020 को हरित क्रांति को विफल करने की साजिश कराते हुए आंदोलन को गांव-गांव और जन-जन तक ले जाने का संकल्प लिया. 

राज्य के सभी जिलों से आये हुए किसानों को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उराँव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी सरकार ने तीन काले कानूनों को संसद से पारित कर देश के 62 करोड़ अन्नदाताओं व खेत खलिहानों पर सीधा हमला कर अपने पूंजीपति मित्रों का हित साधने तथा देश मे वर्षों पूर्व कांग्रेस पार्टी द्वारा समाप्त किये गए जमींदारी प्रथा को पुनः बहाल करने एवं जमाखोरों मुनाफाखोरों को बढ़ावा देने का काम किया है. उनहोंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के दोनों कार्यकाल  में देश के अर्थव्यवस्था की रीढ कृषि गहरे संकट में चला गया है. समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने से किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता चला गया नोटबन्दी जैसे कदम ने  नकद आधारित कृषि अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया हैं . केंद्र सरकार ने तीन काले कानूनों माध्यम से किसान , खेत मजदूर छोटे दुकानदार , मंडी मजदूर  एवं कर्मचारियों की आजीविका पर एक क्रूर हमला किया है. मोदी सरकार का यह प्रयास देश की हरित क्रांति पर हमला है.

किसानों से एमएसपी छीन  जाएगी. उन्हें कांट्रेक्ट फार्मिंग के जरिए पूंजीपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा. न दाम मिलेगा, न सम्मान. किसान अपने ही खेत पर मजदूर बन जाएगा.  डॉ रामेश्वर उराँव ने कहा कि भाजपा द्वारा देश के ऊपर जबरन थोपा गया यह तीन काला कृषि कानून ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है. एक सजग राजनैतिक विपक्ष होने के नाते हम ये अन्याय नहीं होने देंगे. बहुमत के नशे में अन्नदाता किसान की बात सुनना तो दूर, भाजपा एवं उनके एनडीए के साथियों के द्वारा  संसद में उनके नुमाईंदो की आवाज को दबाया जा रहा है और सड़कों पर किसान मजदूरों को लाठियों से पिटवाया जा रहा है. 

किसान सम्मेलन में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए नेता विधायक दल आलमगीर आलम ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग देश के किसानों को अपनी ही जमीन पर मजदूर बनाए जानेवाला कदम है. तीन कृषि कानून देश के संसदीय इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा , कांग्रेस पार्टी किसानों मजदूरों की आवाज को कुंद नही पड़ने देगी हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जबतक की इस कानून को रोल बैक (वापस) नही करती. 

कृषि एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ही ऐसी पार्टी है जो किसानों के दर्द समझती है . देश के कई राज्यों में कांग्रेस द्वारा सत्ता संभालते ही किसानों को राहत देने के लिए तत्काल कर्ज माफी की गई झारखण्ड में भी गठबंधन सरकार ने इस कार्य को आरम्भ कर दिया है .हालांकि कोरोना संकट के वजह से इसमे विलंब जरूर हुआ है पर इस कार्य को आरम्भ कर दिया गया है . 

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार जमींदारी प्रथा को पुनः लागू करना चाहती है गरीब किसान विरोधी मोदी खुद मोदी की बात क्यों नही मानते ! क्यों किसानों को खून के आँसू रुला रहे हैं? कोरोना संकट व भाजपा के गलत नीतियों के कारण दम तोड़ती अर्थव्यवस्था को सहारा देनेवाले व देश को सही मायने में आत्मनिर्भर बनानेवाले कृषि क्षेत्र को गलत नीतियों व काले कानूनों के कारण लगातार बर्बाद हुआ है. इन्होंने देश के अन्नदाताओं को ऐसे हालात में पहुंचा दिया है जिससे सरकारी आंकड़ों की ही मानें तो वर्ष 2014 से 2019 के बीच 67,626 किसानों ने आत्महत्या की है.

इस मौके पर विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की साजिश रच रहे है, जिसे कांग्रेस पार्टी कभी सफल नहीं होने देगी.

विधायक दीपिका पांडेय ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म करने की साजिश से किसान तबाह हो जाएंगे और जिस तरह से पूंजीपतियों के हित में नये कानून को बनाया गया है, उससे छोटे-छोटे किसानों की मुश्किलें बढ़ जाएगी.

विधायक ममता देवी ने कहा कि नये कृषि कानून के खिलाफ सभी को एकजुट होने की जरूरत है, ताकि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की साजिश को विफल किया जा सके.

सम्मेलन को संबोधित करनेवालों में केशव महतो कमलेश , आलोक दुबे, लाल किशोर शाहदेव , डॉ राजेश गुप्ता ,   मुन्ना पासवान , अवधेश सिंह, प्रमोद दुबे , मनोज सहाय पिंकू, नरेश वर्मा , रविन्द्र वर्मा ,अरविंद तूफानी , मुनेश्वर उराँव, मंजूर अंसारी, विजय खान, छोटेराय किस्कू, संजय मुन्नम , श्यामल किशोर सिंह ,  अनूप केसरी, बिट्टू पाठक, उदय लखमानी, रौशन बरवा, रंजन बोपाइ, मोर्चा संगठन प्रभारी रविन्द्र सिंह, अनादि ब्रह्म, गीताश्री उराँव, पूर्व विधायक राजेश रंजन, युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुमार गौरव, महिला कांग्रेस अध्यक्ष गुंजन सिंह , अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष शकील अख्तर अंसारी, ओबीसी अध्यक्ष अभिलाष साहु, नेली नाथन, आमिर हाशमी, अमरेंद्र सिंह,  निरंजन पासवान, अमिताभ रंजन, भानु प्रताप बड़ाईक, मौसमी मिंज, सुषमा हेम्ब्रम, जितेन्द्र त्रिवेदी आदि शामिल थे .

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

बेरमो उपचुनाव के लिए जयमंगल सिंह समेत 5 ने पर्चा खरीदा

Next Post

मेयर ने श्री पब्लिकेशन के एक साल के पीएफ, ईएसआईसी समेत अन्य जानकारी उपलब्ध कराने का दिया निर्देश

Next Post
मेयर आशा लकड़ा ने निगम क्षेत्र में ‘कर’ वसूली के लिए एजेंसी के चयन पर उठाये सवाल

मेयर ने श्री पब्लिकेशन के एक साल के पीएफ, ईएसआईसी समेत अन्य जानकारी उपलब्ध कराने का दिया निर्देश

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d