रांची: नगर निगम ने खादगढ़ा में पूर्व से बने 39 दुकानों का आंवटन रद्द कर दिया है. इस संबंध में उप नगर आयुक्त ने आदेश जारी कर दिया है. ज्ञात हो कि नगर निगम ने इन दुकानों के आंवटन में गड़बडियां पायी थी. जिसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने उक्त कार्रवाई की है. इन दुकानों का आवंटन नियमों को ताख पर रख आवंटित की गयी थी. इस बारे में वहां के कुछ लोगों ने आवेदन नगर निगम को दिये थे. उन आवेदनों की जांच नगर निगम ने अपनी जांच टीम से करायी थी, जिसमें मामले को सही पाया गया. जांच रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम आयुक्त मनोज कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन सारे दुकानों का आवंटन रद्द करने का आदेश दिया था. नगर निगम ने सारे दुकानदारों को नोटिस भी जारी किया था.
अब इन सारे दुकानों की नीलामी होगी
नगर आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि अब इन सारे दुकानों की नीलामी की जायेगी. इसमें वही दुकानदार हिस्सा ले सकते हैं जिनकी दुकानें खादगढ़ा में है. नीलामी के बाद जिन दुकानदार को दुकान आवंटन होता है, उस दुकानदार को आवंटन पत्र तभी दी जायेगी जब वो खादगढ़ा में दुकान होने से संबंधित दस्तावेज देंगे.
वार्ड पार्षद को शो-कॉज जारी किया गया था
इन दुकानों के आवंटन में वार्ड पार्षद की भी मिलीभगत की बात सामने आयी थी. इसको लेकर नगर निगम की ओर से वार्ड पार्षद को शो-कॉज भी जारी की गयी थी. उनसे पूछा गया था कि बगैर जांच किये किस नियम के आधार पर दुकानों का आवंटन पर अपनी सहमति दी है.
मीट-मछली की दुकानें थीं
खादगढ़ा में 39 दुकानें मीट-मछली करने वालों को आवंटित की गयी थी. जो नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने जांच में पाया था. जांच में यह भी पाया था कि जितनी दुकानें हैं उन सारे दुकानों को केवल परिवार के बीच में ही बांट दिया गया था.
झामुमो नेता ने लगाया था आरोप
झामुमो नेता अरूण वर्मा ने नगर आयुक्त को पत्र लिख कर इस संबंध में आरोप लगाया था. उन्होंने अपने आरोप पत्र में कहा था कि इन दुकानों के आवंटन में नियमों का उल्लंंघन किया गया है. उन्होंने नगर निगम को जानकारी दी थी कि स्थानीय दुकानदारों को दुकान ना देकर गलत तरीके से बीजेपी नेताओं के रिश्तेदारों को दुकान आवंटित कर दी गयी हैं.

