नई दिल्ली : फ़िल्मी दुनिया के माही सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत को लगभग महीने भर से ज्यादा का समय बीत चुका है. मुंबई पुलिस इस केस को हल्के में ले रही थी, अब पता चल रहा है कि यह मामला आखिर कितना उलझा हुआ है. जबसे सुशांत के पिता केके सिंह की शिकायत पर इस केस की जांच में पटना पुलिस की एंट्री हुई है, पूरा मामला ही घूम गया है. रोज नए-नए और बेहद गंभीर खुलासे होते चले जा रहे हैं. अब इस केस में नया खुलासा सुशांत सिंह राजपूत के शव को उनके घर से अस्पताल ले जाने वाले एम्बुलेंस के ड्राइवर ने किया है. उसने आरोप लगाया है कि उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं. अब सवाल है कि एम्बुलेंस ड्राइवर ने आखिर ऐसा क्या देख लिया है, जिसकी वजह से कोई डरा-सहमा हुआ है.
एम्बुलेंस ड्राइवर का बहुत बड़ा खुलासा
बॉलीवुड के होनहार अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की दुखद मौत का मामला दिन पर दिन बहुत ही ज्यादा संदेहास्पद होता जा रहा है. इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस की कार्रवाई को लेकर जहां लगातार सवाल उठ रहे हैं, वहीं इस केस से जुड़े तमाम लोगों के नए-नए बयानों से मामला और उलझता जा रहा है. खासकर मौका-ए-वारदात पर मौजूद रहे लोगों के विरोधाभाषी बयानों से यह केस अब बहुत ही ज्यादा पेंचीदा हो चुका है. अब इस कड़ी में उस एम्बुलेंस ड्राइवर का बयान सामने आ रहा है, जो 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत का शव लाने के लिए उनके घर पर एम्बुलेंस लेकर गया था.
इंटरनेशनल नंबरों से एम्बुलेंस ड्राइवर को मिल रही धमकियां
सुशांत सिंह राजपूत का शव उनके घर से लेकर आने वाले ड्राइवर ने एक न्यूज चैनल के सामने इस केस के संबंध में बहुत बड़ा दावा किया है. यही ड्राइवर उनके शव को उनके फ्लैट से नीचे लाने वालों में भी शामिल था. उसने कहा है कि इस काम के लिए उसे मुंबई पुलिस ने बुलाया था और इस काम के लिए कुछ और लोगों को भी उसके साथ बुलाया गया था. अब ड्राइवर ने खुलासा किया है कि जबसे वह सुशांत सिंह राजपूत का शव लेकर आया है, उसे इंटरनेशनल नंबरों से धमकी भरे फोन कॉल्स आ रहे हैं. हालांकि, यह साफ नहीं हो पा रहा है कि इंटरनेशनल कॉल्स करने वाले उसे क्या छिपाने का दबाव डाल रहे हैं.
मुंबई पुलिस पर लग रहे हैं गंभीर आरोप
गौरतलब है कि मुंबई पुलिस के दावे के मुताबिक सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून के दिन में उनके कमरे की छत से लटका मिला था. तब से लेकर आजतक मुंबई पुलिस इस केस में कोई एफआईआर दर्ज नहीं कर पाई है. न ही वह कोई सुसाइड नोट ही बरामद कर पाई है. अलबत्ता बॉलीवुड में नेपटिज्म जैसी थ्योरी के आधार पर वह इससे जुड़े 40 से ज्यादा लोगों का बयान जरूर ले चुकी है, लेकिन पड़ताल के नाम पर इतने दिनों वह पूरी फिसड्डी ही साबित हुई है. सुशांत के परिवार वालों ने भी मुंबई पुलिस की जांच पर संदेह जताया है और उनकी बहनों ने प्रधानमंत्री तक से सीबीआई जांच कराने की गुजारिश की है.
एम्बुलेंस मालिक और ड्राइवर के बयान में मतभेद
लेकिन, यह मामला इसलिए और भी संदिग्ध होता जा रहा है, क्योंकि एम्बुलेंस के मालिक ने अपने ही ड्राइवर के बयान के विरोध में बातें कही हैं. एम्बुलेंस मालिक का दावा है कि सुशांत के शव को उनके फ्लैट से नीचे लाने वालों में उसके एम्बुलेंस का ड्राइवर था ही नहीं. बल्कि, शव खुद मुंबई पुलिस नीचे लेकर आई थी और उसे एम्बुलेंस में चढ़ाया था. इतना तो तय है कि एम्बुलेंस मालिक और उसके ड्राइवर में से कोई एक बहुत बड़ी सच्चाई छिपाना चाह रहा है. सवाल है कि दोनों में से अगर कोई एक झूठ बोल रहा है तो वह किसे बचाना चाह रहा है. यही नहीं अगर ड्राइवर शव उतारने में शामिल नहीं था तो वह इंटरनेशनल कॉल पर धमकियां मिलने की बात क्यों कर रहा है, जबकि उसे पता है कि इसके चलते खुद उसी की परेशानी बढ़ सकती है.

