रांची: नेशनल यूनियन ट्रेड कांग्रेस (इंटक) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री के. एन. त्रिपाठी जी ने कहा है कि देश के नौ करोड़ मजदूर साथियो एवं देश के आबादी का 70 प्रतिशत मजदूरों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का एक चौथाई भाग मजदूरों के हितों मे ही लगे. यह नहीं हो कि सिर्फ उद्योगपति, पूंजीपति को ही उसका लाभ मिलें. नीतियों मे जो संसोधन करना हो वह कराया जाए.
उन्होंने विगत सात जूलाई 2020 के प्रकाशित गजट का जिक्र करते हुए कहा कि देश के चहुंओर मजदूरों का मैक्सिमम बोनस ढाई लाख 2.5 तक क्यों रोका गया. यदि किसी माईंस, इंडस्ट्री, उद्योग किसी को लाभ अधिक होता हैं तो उसे लिमिट मे ना बांधा जाए.
उन्होंने कहा कि सरकार से मांग करेंगे कि देश के चारों तरफ के मजदूरों को उनके हक एवं अधिकार का फैसला हो और उनको हक व अधिकार मिलें. उनके हक एवं अधिकार के लिए एक -एक मिनट कार्य करेंगे उनका हक एवं अधिकार उनके तक पहुंचाएंगे और उनके जीवन स्तर व रहन-सहन को ऊंचा उठाएंगे.
लेबर लॉ एक्ट का जीक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो कानून बना हुआ है उसमें यह वर्णित है कि उनके बच्चों को शिक्षा मिलें, 2700 कैलोरी अनाज मिलें, 60 गज कपड़ा मिलें, स्वास्थ्य सुविधा मिले. यह कानून पूर्णतः लागू व इम्पलीमेंट हो. प्राकृतिक संसाधनों का जो दोहन हो रहा है, उसका भरपाई हो.
आज के मिटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि कोरोना काल में बेरोजगार मजदूरों के लिए कोरोना महामारी बेरोजगार संघ को अस्थायी संबंद्धता (एफ्लिऐटेड) करने जा रहे हैं.
नीतिगत फैसला लेते हुए बेरोजगार करोड़ों मजदूरों के लिए भारत सरकार व राज्य सरकार से बात करके उन्हें रोजगार मुहैया कराएंगे. भारत एवं राज्य सरकार से वार्ता करेंगे कि कोरोना महामारी मे जो मजदूर बेरोजगार हुए हैं उनको रोजगार दिलवाने का प्रयास करवाएंगे ताकि कोरोना काल में भूखमरी का नौबत नहीं आए. भारत सरकार व राज्य सरकार से निति बनवाकर रोजगार की बात करेंगे. इससे रिवर्स माईग्रेशन को रोका जाएगा.
उक्त अवसर पर राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री रामेश्वर सिंह फौजी, राष्ट्रीय सचिव शेख वकील अहमद, डॉक्टर संतोष कुमार, अनिल कुमार सिंह, मुजफ्फर हुसैन, झा आदि उपस्थित थे.

