वॉशिंगटन : अमेरिकी सरकार ने शनिवार को जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल डोज कोरोना वायरस वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए अनुमति दे दी है. मॉडर्ना और फाइजर/बायोएनटेक के बाद अमेरिका में अनुमति पाने वाली यह दूसरी वैक्सीन है. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने घोषणा की है कि 18 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों को यह टीका लगाया जा सकेगा. पूरे देश में वैक्सीन की भेजे जाने की प्रक्रिया रविवार या सोमवार से शूरू हो जाएगी.
शनिवार को जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन अमेरिकी में अनुमति पाने वाला तीसरा टीका बन गया है. कंपनी की सिंगल शॉट वैक्सीन के मुकाबले फाइजर और मॉडर्ना दोनों वैक्सीन ने ऊंची प्रभावकारिता दर का प्रदर्शन किया था. हालांकि, सीधी तुलना इसलिए मुश्किल है क्योंकि वैक्सीन ट्रायल्स के उद्देश्य अलग-अलग थे. साथ ही जॉनसन और जॉनसन की वैक्सीन के ट्रायल्स तब किए गए, जब वायरस के दूसरे ज्यादा संक्रामक वैरिएंट फैल रहे थे.
कंपनी के 44 हजार लोगों के वैश्विक ट्रायल में वैक्सीन 66 फीसदी प्रभावी देखी गई थी. वहीं, यह वैक्सीन मरीज को अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु से बचाने में 100 प्रतिशत असरदार रही. अनुमान लगाया जा रहा है कि जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन का दुनियाभर में बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा. क्योंकि यह आसानी से भेजी और सामान्य रेफ्रिजरेटर तापमान में स्टोर की जा सकती है.
इस खूबी के चलते फाइजर और मॉडर्ना की तुलना में जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन का वितरण और आसान हो गया है. अमेरिकी सरकार ने कंपनी से वैक्सीन के 100 मिलियन डोज खरीदे हैं. वहीं, सरकार अगले हफ्ते 3 से 4 मिलियन डोज वितरित करने की योजना बना रही है. कंपनी मार्च के अंत तक कुल 2 करोड़ डोज मुहैया कराने की तैयार कर रही है.
राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस फैसले पर खुशी जताई है, लेकिन नागरिकों को जल्दी जश्न मनाने पर चेताया है. उन्होंने कहा ‘संभावना है कि हालात और बिगड़ेंगे क्योंकि नए वैरिएंट्स फैल रहे हैं.’ उन्होंने लोगों से लगातार हाथ धोने, मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की.

