कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की नजर है. गृहमंत्री अमित शाह भी चुनावी दौरे पर हैं. दौरे के बाद गृह मंत्री ने एक निजी न्यूज से बातचीत में कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव भी बीजेपी ने पूरी ताकत से लड़ा था और उसका नतीजा था कि हमने 18 लोकसभा सीटों पर विजय हासिल की थी.
उन्होंने आगे कहा, 3 लोकसभा सीटें 5000 से कम वोटों के अंतर से हार गए थे लेकिन उसके बाद जनता में यह भरोसा जाग गया था कि बदलाव किया जा सकता है और इसलिए इस बार जनता की तरफ से यह चुनाव लड़ा जा रहा है. बीजेपी उसी ताकत से चुनाव लड़ रही है जिस ताकत से 2019 में चुनाव लड़ा था.
अमित शाह ने आगे कहा क़ि ममता बनर्जी बंगाल की जनता को गुमराह कर रही हैं क्योंकि उनके पास मुद्दे नहीं है. ममता जी बताएं कि 294 जो बीजेपी के उम्मीदवार लौट रहे हैं वह उन में से कौन सा बाहर का है. सरकार में मुझे नहीं आना है, सरकार में राजनाथ सिंह जी को नहीं आना है, सरकार में नितिन गडकरी या योगी आदित्यनाथ को नहीं आना है, सरकार तो यह 294 उम्मीदवारों में से बनेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत अच्छे तरीके से रविंद्र नाथ ठाकुर का जन गण मन समझाया था और मैं पूछना चाहता हूं कि ममता बनर्जी का विचार क्या है. ममता बनर्जी छोटी सोच पर मुझे कुछ नहीं कहना.
अमित शाह ने कहा कि जहां तक सीए का सवाल है इससे कैसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण होता है मुझे यह बात बताई जाए. ममता बनर्जी बार-बार यह बात इसलिए कहती हैं क्योंकि उनको लगता है कि घुसपैठिए बीजेपी को कहिए. मुझे एक बात बताओ कि घुसपैठियों को रोकना क्यों नहीं चाहिए और जहां तक सीएए का सवाल है वह पूरे देश में एक साथ लागू होगा. उसके बाद एनआरसी आएगा. एनआरसी का विरोध करें तो समझ में आता है लेकिन सीएए का क्यों विरोध कर रहे हैं. देश में शरणार्थी आए हैं क्या उन्हें नागरिक बनने का अधिकार नहीं है?

