पंचायत चुनाव नहीं करा रही सरकार, होगा अरबों का नुकसान
रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि राज्य भर के वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, उपमुखिया, प्रमुख, उपप्रमुख, जिला परिषद सदस्य, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का कार्यकाल दिसंबर-जनवरी में समाप्त हो रहा है. बावजूद इसके त्रिस्तरीय पंचायतो तथा निकायों को 15वें वित्त आयोग को उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग नहीं हो रहा है.
आलम यह है कि जहां योजनाओं की स्वीकृति नहीं हो रही है वहीं राशि भी खर्च नहीं हो रही है. यही नहीं, अब तक चुने हुए पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय के भुगतान को लेकर भी राज्य सरकार गंभीर नहीं है. कहीं-कहीं नाम मात्र का मानदेय भुगतान हुआ है. वह ऊंट के मुंह में जीरा का फौरन के बराबर है.
विधायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुएकहा कि बेहतर यही होगा कि 15वें वित्त आयोग के तहत योजनाओं की स्वीकृति युद्ध स्तर पर कराई जाए और खर्च भी इसी स्तर पर कराई जाए और मानदेय भुगतान को लेकर भी सरकार सक्रिय हो. राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को देख यह भी अब आसानी से प्रतीत होने लगा है कि पंचायत चुनाव कराने को लेकर सरकार की तनिक भी इच्छा नहीं है.
उन्होंने कहा कि ससमय पंचायत चुनाव नहीं होने से राज्य को केंद्रीय स्तर पर मिलने वाले अरबों रुपए से वंचित होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के बीच बुनियादी एवं समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए और निरंतर विकास की प्रक्रिया चलती रहे इस को ध्यान में रखकर जहां 15वें वित्त आयोग की राशि को खर्च करना आवश्यक हो गया है, वहीं पंचायत चुनाव कराना भी जरूरी है.
उन्होंने राज्य सरकार को यह सुझाव देते हुए कहा है कि राज्य सरकार अपने को पंचायत चुनाव कराने में असमर्थ पा रही है तो पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ा दिया जाना चाहिए. ऐसा करना गांव एवं ग्रामीणों के हित में ही होगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इन विषयों पर शीघ्र एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर जरूरी कदम उठाना चाहिए, जो राज्य एवं लोगों के हित में ही होगा.

