चांद किशोर,
लखीसराय: कोरोना पर भारी पड़ी अनंत चतुर्दशी पर्व, मंदिरों एवं घरों में पूरे विधि विधान से हुई पूजा जहां कई पर्वों पर कोरोना का असर देखा गया वहीं कोरोना महामारी का असर अनंत चतुर्दशी पर्व पर एकदम असर नहीं पड़ा. घरों एवं मंदिरों में पूरे विधि विधान से पूजा हुई.
लखीसराय बाजार स्थित मंदिरों में धूमधाम से अनंत चतुर्दशी पर्व की पूजा की गई. जहां श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई. वहीं कई घरों में भी पंडित को बुलाकर अनंत चतुर्दशी की पूरे विधि विधान से पूजा की गई जहां अगल-बगल के श्रद्धालुओं ऩे भाग लिया.
अनंत चतुर्दशी के दिन मुख्यत भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है. इस दिन लोग व्रत रखते हैं. इस दिन व्रत रखने वाले पुरुष अपने दाहिने हाथ में और महिलाएं अपने बाएं हाथ में अनंत धागा धारण करती हैं. यह धागा 14 गांठों वाला होता है. ये 14 गांठें भगवान श्री विष्णु के द्वारा निर्मित 14 लोकों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि अनंत चतुर्दशी का व्रत 14 वर्षों तक किया जाए तो उस व्यक्ति को विष्णु लोक की प्राप्ति होती है. हिन्दी पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है. इसे अनंत चौदस भी कहा जाता है. अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है.

