हजारीबाग: कोविड-19 वैश्विक महामारी की वजह से विगत एक वर्ष आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन नहीं किया गया था. एक वर्ष के पश्चात राज्य के अंतर्गत कंटेनमेंट जोन के बाहर अवस्थित सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूर्व की भांति सुचारू संचालन दिनांक 1 अप्रैल से पुनः प्रारम्भ करने का अदेश है.
पुनः संचालन आरंभ करने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा निर्देशों पर आधारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीडर (एसओपी) के प्रावधानों के अनुरूप हजारीबाग जिला अन्तर्गत सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों का पुनः संचालन आरंभ किया गया.
बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा तीन-तीन आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण/पर्यवेक्षण किया गया. सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में एसओपी के प्रावधानों के अनुरूप तौलिया, साबुन, सैनेटाइजर की व्यवस्था की गई थी.
केन्द्रों में बच्चों की संख्या सीमित रखने के लिए निदेशानुसार रोस्टर तैयार किया गया है एवं केन्द्रों में उपस्थित बच्चों की बीच समुचित दुरी का ध्यान रखा गया है. केन्द्र पर कोरोना के बाचाव संबंधी सूचनाएं प्रदर्शित किया गया है.
इस क्रम में शिप्रा सिन्हा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, हजारीबाग द्वारा चार आंगनबाड़ी केन्द्रों यथा मटवारी मस्जिद रोड़ जबरा, लाखे-2 एवं लाखे-4 का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में एसओपी के प्रावधानों के अनुरूप केन्द्र संचालित पाया गया. लंबे अंतराल के पश्चात आंगनबाड़ी केन्द्रों का प्रारम्भ होने से केन्द्रों में उपस्थित बच्चे काफी उत्साहित पाये गये.
सभी सेविकाओं को प्रतिदिन विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये एसओपी के चेकलिस्ट को संधारित करने का निदेश दिया गया है.

