रांची: लोहरदगा से किशोरी घरवालों से नाराज होकर रांची रेलवे स्टेशन आ गई थी. किशोरी हटिया रेलवे स्टेशन पर टहल रही थी. किशोरी प्लेटफार्म नंबर दो पर थी. तभी आरपीएफ की वीके मीना की नजर उस पर पड़ी.
आरपीएफ कर्मियों ने किशोरी से पूछताछ शुरू की तो किशोरी ने बताया कि वह अपनी रोजी-रोटी की तलाश में है. घर में नहीं रहेगी. खुद अपने पैरों पर खड़ी होगी और कमाएगी. इसके बाद मेरी सहेली की टीम ने किशोरी को समझाया और उससे अभिभावकों का पता पूछा.
फोन नंबर मिलने के बाद आरपीएफ जवान वीके मीना ने किशोरी के घर फोन किया. किशोरी की मां हटिया रेलवे स्टेशन पहुंची और इसके बाद किशोरी को उसके मां के सुपुर्द कर दिया गया.
गौरतलब है कि आए दिन रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की टीम ऐसे किशोर व किशोरियों को रेस्क्यू कर उन्हें सकुशल उनके परिजनों सौंप रहे हैं. इनमें अधिकतर माता-पिता के डांटने व मोबाइल की नाराजगी आदि छोटी-छोटी बातों को लेकर घर से निकले हुए होते हैं.
इसके अलावा आरपीएफ की टीम रांची रेलवे स्टेशन व हटिया स्टेशन पर यात्रियों के खोए हुए सामान को भी ढूंढ़ कर उन्हें वापस लौटा रहे हैं. आरपीएफ की तरफ से शुरू की गई इस नई पहल से यात्रियों को काफी सहूलियत हो रही है.
वहीं मानव तस्करी व इससे जुड़े अपराध पर भी आरपीएफ की सक्रियता के कारण काफी हद तक लगाम लगी है.

