रांची : बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं में बच्चों की मौत काे देखते हुए राज्य सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है. शिक्षा सचिव एपी सिंह और परिवहन सचिव प्रवीण टोप्पो ने संयुक्त रूप से कहा कि अगर कोई स्टूडेंट गलती से भी गाड़ी लेकर स्कूल पहुंचा तो उसका नामांकन रद्द करने का अधिकार स्कूल प्रबंधन को होगा.
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इसे सख्ती से लागू करने के लिए स्कूल में बच्चों के नामांकन के समय ही अभिभावक को शपथ पत्र देना होगा कि वह 18 वर्ष से कम उम्र और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के अपने बच्चे को गाड़ी नहीं चलाने देंगे. नियम का उल्लंघन करने वाले स्टूडेंट्स का नामांकन रद्द करने के लिए स्कूल नियम बनाएंगे. स्कूलों को चेताया है कि लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. दायरे में सीबीएसई, आईसीएसई, अन्य पर्षदों से मान्यता प्राप्त और प्रशासनिक नियंत्रण वाले स्कूल होंगे.
पहली बार स्कूल प्रबंधन को जिला सुरक्षा समिति के निर्देशों का उल्लंघन करने पर चेतावनी पत्र दिया जाएगा. दूसरी बार उसी स्कूल प्रबंधन की बस में गड़बड़ी मिलती है तो वह जब्त होगा. तीसरी बार गलती करने पर संबद्धता वापस करने की कार्रवाई उपायुक्त की अध्यक्षता में डीईओ के जरिए की जाएगी.
स्कूल बसों का रूट अब स्कूल प्रबंधन और सड़क सुरक्षा समिति मिलकर तय करेंगे. जिन सड़कों पर भीड़ अपेक्षाकृत कम हो और स्कूल के समय में ट्रैफिक का दबाव कम रहे, उन रास्तों से स्कूल बसों को ले जाने पर निर्णय लिया जाएगा.

