नई दिल्ली: भारत अपनी सीमा का रक्षा करना जानता है. इसके लिये किसी भी देश को गलतफहमी नहीं पालना चाहिये. भारतीय सेना ने गलवान घाटी में चीन के तरफ से धोखे में किये गए हमले का करारा जवाब दिया है. हालांकि इस खूनी संघर्ष में हमारे 20 बहादुर सैनिक शहीद हो गए है. लेकिन उनका बलिदान कभी व्यर्थ नहीं होगा. देश को पीएम नरेंद्र मोदी के इस कथन पर पूरा भरोसा है. यह बात आज बीजेपी के महासचिव राम माधव ने कही है.
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हमेशा से चीन के साथ कांग्रेस सरकार के द्वारा किये हथियार का इस्तेमाल न करने के संधि का पालन कर रही है. देश के निहत्थे वीर जवानों पर जिस तरह से हमला किया गया,उससे सभी विचलीत है. राम माधव ने इस पर जोर दिया कि भारत हमेशा से सभी पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती चाहता है. लेकिन जहां तक सीमा की सुरक्षा का सवाल है तो हम उसमें एक इंच भी समझौता नहीं करेंगे.
राम माधव ने कहा कि भारतीय सेना ने गलवान घाटी में चीनी सेना के अतिक्रमण करने की कोशिश को नाकाम करते हुए जान दी है. हमें अपने सैनिकों के शहादत पर गर्व है कि उन्होंने भारतीय सीमा में घुसने के चीनी सेना के मंशा पर पानी फेर दिया है. उन्होंने कहा कि चीन समेत सभी को डोकलाम नहीं भूलना चाहिये. जब 73 दिनों तक हम सीमा पर कल भी डटे हुए थे,तो आज भी है,और कल भी रहेंगे. उन्होंने कहा कि चीन ने पिछले 10 सालों में ही हजार बार से ज्यादा अतिक्रमण की नाकाम कोशिश किया है.

