नई दिल्ली: देश के नए सेना प्रमुख मनोज नरवणे ने बुधवार को अपना कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से बात की.
इस दौरान उन्होंने कहा कि अब चीन से सटे बॉर्डर पर खास जोर देने का वक्त आ गया है, साथ ही चीन के साथ जारी बॉर्डर विवाद पर भी ठोस काम होगा.
28वें सेना प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभालने वाले मनोज नरवणे बोले कि मानवाधिकार को लेकर उनका खास ध्यान रहेगा.
सेना प्रमुख ने कहा कि अभी तक हमारा खास ध्यान वेस्टर्न फ्रंट पर रहता था, लेकिन अब नॉर्थ फ्रंट पर भी ध्यान देने की जरूरत है. इसका मतलब ये हुआ कि हम अब नॉर्थन बॉर्डर खासकर नॉर्थ ईस्ट में अपनी मौजूदगी को स्थापित करने की ओर अग्रसर होंगे.
हालांकि, दोनों देशों ने शांति स्थापित करने की ओर कदम बढ़ाए हैं. हम जल्द ही बॉर्डर विवाद में कुछ ठोस कदम बढ़ाते नजर आएंगे.
बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है. अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में चीनी जवान कई बार भारतीय जवानों के सामने आते रहे हैं, जो विवाद का जड़ रहा है.
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर जारी लगातार राजनीतिक बयानबाजी को लेकर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि सेना समय-समय पर सीमाओं को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव होता रहता है, ये लगातार होने वाली प्रक्रिया है.
सेना के आधुनिकीकरण के मसले पर सेना प्रमुख बोले कि सेना इस मसले पर लॉन्गटर्म प्लान के तहत काम कर रही है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि मानवाधिकार का पालन भी उनके फोकस में रहेगा.
गौरतलब है कि जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने 31 दिसंबर को देश के 28वें सेना प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभाला है. उन्होंने जनरल बिपिन रावत की जगह ली है. बुधवार को ही बिपिन रावत ने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला है.

