नई दिल्ली:– जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति के बाद विदेशी राजनयिकों का एक दल एक बार फिर भारत दौरे पर पहुंचा हुआ है.इन विदेशी राजनयिकों में यूरोपीय संघ और इस्लामिक सहयोग संगठन के सदस्य देशों के राजनयिक शामिल है. वे लोग जम्मू-कश्मीर दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे है. सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर भी चर्चा की है. सेना के तरफ से यह भी बताया गया कि संघर्ष विराम उल्लंघन को किस तरह से अंजाम दिया जा रहा है.सेना ने बताया कि पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर हमले को भी अंजाम देने के लिये सुरंग की मदद ली गई थी. साथ ही बताया गया कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में आतंकवादी कैंप चलाता है. जो इन आतंकवादियों को घुसपैठ करने को लेकर उकसाता रहता है. इस मुलाकात के दौरान सेना ने उन हथियारों को भी दिखाया जो आतंकवादियों से जब्त कर लिये गए. इन हथियारों पर बाकायदा पाकिस्तान की शस्त्र फैक्टरी का निशान भी मौजूद है. युवाओं को गुमराह करने की साजिश भी रची जाती है. विदेशी राजनयिकों को बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में अब पत्थरबाजी की घटना में कमी आई है.

