रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी (COVID-19) समिति द्वारा रांची के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों समेत देशभर के कई हिस्सों में फंसे लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराया गया. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह वित तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डाॅ. रामेश्वर उरांव ने मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में हिस्सा लेने के बाद निगरानी राहत समिति की बैठक में भी हिस्सा लिया और विभिन्न माध्यमों से जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचायी.
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बाद में पत्रकारों से बातचीत में डाॅ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि COVID-19 को लेकर राज्य सरकार द्वारा गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की आज प्रारंभिक बैठक हुई. उन्होंने बताया कि कल 16 अप्रैल को सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और विभागीय प्रमुखों के साथ बैठक होगी. उन्होंने बताया कि लाॅकडाउन लागू होने के बाद हेल्पलाइन के माध्यम से दूसरे राज्यों में फंसे राज्य के प्रवासी मजदूरों से लगातार संपर्क स्थापित करने की कोशिश की गयी, दूसरे राज्यों में फंसे ऐसे प्रवासी मजदूरों की संख्या करीब आठ लाख बतायी गयी है, अभी इनकी गिनती की जा रही है और उनके बैंक खाता नंबर को लिया जा रहा है, ताकि डीबीटी के माध्यम से उन्हें मदद राशि पहुंचाने में कोई दिक्कत न हो.
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उन्होंने कहा कि अब समिति को यह तय करना है कि बाहर में फंसे मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था वहीं की सरकार के माध्यम से हो या फिर राज्य सरकार के माध्यम से भोजन की व्यवस्था हो, तो इसके लिए खर्च का वहन कैसे किया जाए. उन्होंने बताया कि लाॅकडाउन के बाद लाखों लोग आएंगे, उन्हें क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर रखने और खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध कराने में भी बड़ी राशि खर्च होगी. ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार से यह आग्रह किया जा रहा है कि मुश्किल में फंसे लोगों की मदद के लिए झारखंड जैसे पिछड़े राज्यों को विशेष आर्थिक सहयोग मुहैया कराएं।.
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह से नोटबंदी जैसा कदम बिना सोचे-समझे उठाया गया था, उसी तरह से लाॅकडाउन भी बिना विचार-विमर्श किये गये, पूरे देश में लागू कर दिया गया. इस फैसले को लागू करने के पहले संबंधित राज्यों और कंपनियों से बातचीत करनी चाहिए थी कि लाॅकडाउन की अवधि में मुश्किल में फंसे लोगों को वहीं राहत एवं मदद पहुंचायी जा सके लेकिन ऐसा नहीं होने से कल सभी ने यह देखा कि सूरत, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र समेत के कई बड़े शहरों में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी और भूखे लोग अपने घर वापस लौटने के लिए उतावले दिखे.
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दुबे ने बताया कि मुंबई में फंसे प्रतीक सिंह, तेलगांना में फंसे शाहिद अंसारी, पुणे में फंसे पारस नाथ रविदास के अलावा महाराष्ट्र में फंसे ताजेब अली, खुर्शीद आलम, जीमल अंसारी, शमीम अंसारी, एजुबेद्दीन अंसारी के अलावा तमिलनाडु के वेल्लुर में फंसे आलम मंजील सैदा की ओर से मदद मांगी गयी. जिसके बाद विभिन्न माध्यमों से उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध करायी गयी.
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