फलक शमीम
झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा कार्रवाई से पूर्व सदन के बाहर आदिवासी अधिकारों सहित वन अधिकार अधिनियम का मामला उठाकर विपक्षियों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने राज्य सरकार पर खनन माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड जल जंगल जमीन से भरा हुआ राज्य है और जिस तरह वन अधिकार कानून पर बदलाव हो रहा है, ये आदिवासियों पर सरासर अन्याय है.
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ज्ञात हो कि फरवरी माह में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जंगलों में वास करने वालों को बेदखल करने के निर्देश दिए गए थे और इसे लेकर देशभर में आदिवासी समुदाय के लोग विरोध करते दिखे थे और इन्हीं मुद्दों को लेकर नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने प्रतिक्रिया देते नजर आए. उन्होंने कहा सरकार को सदन में बताना चाहिए की इस संशोधन में सरकार का क्या मंतव्य है, वही सरकार पर ग्राम सभा की अहमियत को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए इसे पुनः बहाल करने की मांग की….

