रांची: भाजपा झारखंड प्रदेश का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज शाम राज भवन में महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा एवं बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष घोषित करने हेतु विधानसभा अध्यक्ष को निदेशित करने का आग्रह किया.
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने किया. साथ में नेता (विधायकदल) बाबूलाल मरांडी, प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहू, प्रदीप वर्मा एवं महामंत्री सह विधायक अनंत ओझा शामिल रहे.
मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को दलगत परिधि, विचारों से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर सरकार के इशारे पर कार्य कर रहे हैं.
प्रदेश भाजपा ने इसीलिये राज्य के संवैधानिक प्रमुख महामहिम राज्यपाल के पास इस संबंध में अपनी गुहार लगायी है. पार्टी ने राज्य में संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा के लिये आग्रह किया है. जिसपर महामहिम ने विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
नेता प्रतिपक्ष की घोषणा जानबूझकर लटकाई जा रही: बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड विकास मोर्चा का विधिवत विलय भारतीय जनता पार्टी में हो चुका है, यह सर्व विदित है झाविमो ने सभी संवैधानिक परिक्रियाओं को पूरा करते हुए विलय को सम्पन्न किया है. भारत सरकार के गृह मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में विशाल जन सभा के बीच विलय हुआ है. भारतीय चुनाव आयोग ने अपनी ओर से इसपर सहमति प्रदान करते हुए पत्र जारी किया है, भाजपा ने विधिवत मुझे नेता विधायक दल चुनकर अध्यक्ष को सूचित किया है. बावजूद इसके विधानसभा अध्यक्ष ने इस संबंध में अबतक सार्थक पहल नहीं की है. इससे स्पष्ट होता है कि इसे जानबूझकर लटकाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायकों ने चालू सत्र में इस मामले को उठाया, संघर्ष किया पर आसन की ओर से इसे दीर्घ काल तक लटकाने का संकेत ही मिला. मरांडी ने कहा कि पार्टी ने राज्यहित एवं जनहित नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे को सदन में नही उठाने का निर्णय लिया परंतु संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा के लिये अन्य दरवाजे को खटखटाने से परहेज नहीं. प्रतिनिधि मंडल ने राज्य के संवैधानिक प्रमुख के पास अपनी बात रखते हुए न्याय की गुहार लगाई है.

