नई दिल्लीः महाराष्ट्र एटीएस टीम के हाथ आज एक बड़ी कामयाबी लगी है. मनसुख हिरेन हत्या मामले में टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. एटीएस का दावा है कि मनसुख हिरेन की हत्या में इन दोनों अपराधियों का हाथ है.
आज गिरफ्तार करने के बाद एटीएस ने बताया कि दोनों लोगों की पहचान हो गई है. पहला आरोपी पुलिस वाला है तो दूसरा बुकी है. आपको बता दें कि टीम आज दोनों को कोर्ट में पेश करने वाली है.
आपको बता दें कि शनिवार यानि कल ही ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरन की मौत की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है. मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के बाहर विस्फोटकों से भरा वाहन पाए जाने के कुछ दिनों बाद हिरन का शव नदी किनारे पाया गया था. यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों ने दी.
अधिकारी ने कहा ये अंबानी के आवास ‘एंटीलिया’ के बाहर विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो की बरामदगी से जुड़े मामले की जांच एनआईए कर रही है और उसने सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे को इस सिलसिले में गिरफ्तार किया है. एसयूवी हिरन का थी.एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय ने मनसुख हिरन की मौत की जांच एनआईए को सौंपी है. महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) अभी तक मामले की जांच कर रहा था. हिरन पांच मार्च को मुंबई के पास एक नदी किनारे मृत पाए गए थे. उनकी पत्नी ने अपने पति की संदिग्ध तरीके से हुई मौत में वाजे के संलिप्त होने के आरोप लगाए हैं.गौरतलब है कि दक्षिण मुंबई में अंबानी के बहुमंजिला घर ‘एंटीलिया’ के निकट 25 फरवरी को मनसुख की’स्कॉर्पियो’ कार के अंदर जिलेटिन की छड़ें रखी हुई मिली थीं. पुलिस ने कहा था कि कार 18 फरवरी को एरोली-मुलुंद ब्रिज से चोरी हुई थी. मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में हीरेन का बयान दर्ज किया था. वाहनों के पुर्जों का कारोबार करने वाले हीरेन ने कहा था कि अपनी कार चोरी होने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दी थी. विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने शुक्रवार को इस घटना की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से कराने की मांग की थी. महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार को आरोप लगाया कि हीरेन की संदिग्ध मौत प्रथम ²ष्टया एक हत्या है.

