2022 में ये शेयर कर सकता है मालामाल?
बिजनेस:- हेल्थ और IT सेक्टर इस कंपनी का मुख्य व्यवसाय है.डेसिफर लैब्स लिमिटेड एक पेशेवर रूप से प्रबंधित, विविध पब्लिक...
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नई दिल्ली:- राष्ट्रपति, राम नाथ कोविंद ने नव वर्ष 2022 की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. एक...
नई दिल्ली:- केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 46वीं बैठक आज नई...
लखनऊ:- यूपी में पहली बार नगर निगमों के महापौर को 25000 और नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत के अध्यक्षों...
नई दिल्ली:- आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, पावरग्रिड एक राष्ट्र-एक ग्रिड-एक फ्रीक्वेंसी की पूर्णता की ऐतिहासिक उपलब्धि...
नई दिल्ली:- निचले इलाके का चिनहान गांव तिरप जिले के लाजू मंडल में खोंसा शहर से लगभग 58 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यह म्यांमार के साथ एक अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है. यहां पर कुल 813 लोगों की आबादी वाले 163 घर बने हुए हैं. यह तिरप जिले के सबसे दूर स्थित गांवों में से एक है और ओलोह जनजाति का निवास स्थल है. चिनहान गांव वर्ष 2014 से पूर्वोत्तर क्षेत्र सामुदायिक संसाधन प्रबंधन परियोजना- एनईआरसीओआरएमपी के अंतर्गत आता है. विभिन्न विकास गतिविधियों की प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध करने के लिए गांव में सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (पीआरए) अभ्यास आयोजित किया गया था. इस दौरान, ग्रामीणों ने सुम्हक नदी पर बने झूला पुल की पहचान गांव में की जाने वाली प्राथमिक विकास गतिविधि के रूप में की क्योंकि यह सेतु मार्ग इस गांव की जीवन रेखा है. स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लाजू और खोंसा आने-जाने, आवश्यक घरेलू सामान एवं अन्य निजी वस्तुओं को खरीदने तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग किया जाता है. वर्षा के मौसम (जून-सितंबर) के दौरान ग्रामीणों को नदी पार करने में बहुत कठिन समय का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि नदी में पानी की मात्रा काफी बढ़ जाती है और इसे पार करते समय पानी का प्रवाह बहुत तेज होता है. इसलिए हर साल, ग्रामीण नदी पार करने के लिए बांस की संरचना के साथ एक अस्थायी झूला पुल का निर्माण करते थे....
नई दिल्ली:- कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए एहतियात के तौर पर राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रपति भवन संग्रहालय...
नई दिल्ली:- टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, हैदराबाद के रीडर और वर्ष 2020-21 के लिए स्वर्ण जयंती शोधकर्ता पबित्रा के.नायक...
नई दिल्ली:- वैज्ञानिक लंबे समय से इस विषय को लेकर उत्सुक रहे हैं कि कार्बन की प्रचुरता वाले सितारों पर...
झारखंड:- झारखंड के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 9,544 करोड़ रुपए की 315 जलापूर्ति योजनाएं स्वीकृत की गईं हैं. इन योजनाओं से राज्य के 4,424 गांवों में लगभग 8 लाख ग्रामीण घरों में नल से जल की आपूर्ति की जाएगी. 15 अगस्त 2019 को, जल जीवन मिशन के शुभारंभ के समय, झारखंड में केवल 3.45 लाख (5.83 प्रतिशत)...
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