World:- रूस के साइबेरिया में पर्यावरण की स्थिति लगातार बिगड़ रही है. यहां सामान्य बर्फ की जगह काली बर्फ गिरनी शुरू हो गई है. इस माह कई शहरों में तीसरी बार काली बर्फ गिरी. इसके चलते लोगों में किसी प्राकृतिक आपदा को लेकर डर बैठ गया.
आप ने अब तक देश-दुनिया में सर्दी के दौरान बर्फ गिरने की बहुत से खबरें पढ़ी, देखी या सुनी होंगी. सफेद बर्फ से ढके हुए कई शहरों की आपने मीडिया में फोटो और वीडियो भी देखी होगी या कभी खुद भी ऐसे पलों के साक्षी रहे हों. पर क्या आपने कभी काली बर्फबारी के बारे में सुना है. आपको सुनने में ये कुछ अचरज भरा लग रहा होगा, लेकिन दुनिया के एक हिस्से में लोगों के लिए काली बर्फबारी मुसीबत का सबब बन चुकी है.दुनिया के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल साइबेरिया की. दक्षिण-पश्चिम साइबेरिया के केमेरोवो क्षेत्र स्थित तीन शहरों को पिछले कुछ समय से खतरनाक काली बर्फ ने ढक रखा है. इन तीन शहरों में प्रोकोपाइव्स्क, किसलीकोव, और लेनिन्स्क-कुज़नेत्स्की (Prokopyevsk, Kiselyovsk, and Leninsk-Kuznetsky) शहर शामिल हैं. यहां के लोग अपने बच्चों को इस काली बर्फ में खेलता देख कर बेहद डरे हुए हैं. सोशल मीडिया पर काले बर्फ से ढके साइबेरिया के इन शहरों की डरावनी फोटो इन दिनों खूब वायरल हो रही है.रूसी मीडिया में काली बर्फबारी वाली तस्वीरों की तुलना विनाश के बाद के भूतिया नजारे के तौर पर की जा रही है. माना जा रहा है कि साइबेरिया में हो रही काली बर्फबारी की वजह कोयले की धूल है. पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वालों का कहना है कि यहां पर कोयले की कई खुले गड्ढ़ों वाली खदानें हैं. यहां मनमाने तरीके से कोयले की खुदाई चल रही है. इससे कोयले की धूल फिजाओं में दूर-दूर तक फैल चुकी है.जानकारों के अनुसार साइबेरियन शहरों में रह रहे तकरीबन 2.6 मिलियन (26 लाख) लोग इन खुली खदानों से उड़ने वाली कोयले की धूल से खासे परेशान हैं. कोयले की धूल से इन लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है. इसी की वजह से यहां पर जहरीली काली बर्फबारी हो रही है. स्थानीय लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इस काली बर्फबारी की कई फोटो पोस्ट की हैं.

