नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के सभी पक्ष अगर चाहते हैं तो वे मध्यस्थता के जरिए भी समाधान कराने के लिए स्वतंत्र हैं. इसके लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट में विवाद समझौता रिपोर्ट दाखिल करनी होगी. शीर्ष अदालत ने न्यायमूर्ति एफ.एम. कलीफुल्ला की अगुआई वाली तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति द्वारा मंगलवार को भेजे गए पत्र के संदर्भ में यह आदेश दिया है. पत्र में अयोध्या मामले के समाधान के लिए वार्ता बहाल करने के लिए कोर्ट की अनुमति मांगी गई थी.
शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि मामले की प्रतिदिन सुनवाई चलती रहेगी और कोर्ट की कार्यवाही गोपनीय रहेगी.

