नई दिल्ली: अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य जोरों पर है, भव्य मंदिर के डिजाइन को देखते हुए अयोध्या रेलवे स्टेशन का भी निर्माण किया जा रहा है, अयोध्या के रेलवे स्टेशन को भी भव्य बनाने की योजना बनाई गई है. इस रेलवे स्टेशन का नाम अयोध्या धाम स्टेशन हो सकता है. बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन को भी राम मंदिर के तर्ज पर ही बनाने की तैयारी है और इसे बनाने में 104 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.
जानकारी के मुताबिक अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन को सभी धार्मिक रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जाएगा. इसके लिए कई नई ट्रेन शुरू करने की भी योजना है, जबकि कुछ ट्रेन के रूट डायवर्ट किए जाएंगे.
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का जायजा लेने पहुंचे रेलवे प्रबंधक
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य का जायजा लेने उत्तर रेलवे प्रबंधक आशुतोष गंगल सोमवार को पहुंचे. इस दौरान उन्होंने अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह, निर्माण एजेंसी राइट्स लिमिटेड और जिलाधिकारी अनुज झा के साथ एक बैठक भी की और उन्हे रेलवे प्रोजेक्ट को लेकर जानकारी दी.
जानकारी के मुताबिक रेलवे पहले चरण में एक सौ चार करोड़ की लागत से भव्य अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का निर्माण कर रहा है जिसे राम मंदिर मॉडल की तर्ज पर बनाया जा रहा है, इसे बाहर से देखने पर राम जन्मभूमि मंदिर का व्यू मिलेगा.
अयोध्या रेलवे स्टेशन का नाम अब अयोध्या धाम
गौरतलब है कि अभी हाल में ही फैजाबाद जंक्शन का नाम बदलकर अयोध्या कैंट करने का प्रस्ताव भेजा गया है वहीं अयोध्या रेलवे स्टेशन का नाम अब अयोध्या धाम होगा. अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन को अन्य धार्मिक स्थलों से जोड़ने के लिए अतिरिक्त ट्रेन चलाने और अन्य ट्रेनों का रूप परिवर्तन करने की भी योजना है. इसी तर्ज पर अयोध्या से दिल्ली के लिए फैजाबाद दिल्ली एक्सप्रेस शुरू हो रही है.
इसी तरह अयोध्या रेलवे स्टेशन के पास रामघाट हाल्ट रेलवे स्टेशन जो पूर्वोत्तर रेलवे में है, उसे नार्दन रेलवे से मिलाने का प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है.
200 मीटर गहराई तक होगी खुदाई
बता दें कि हाल ही में राम मंदिर निर्माण में उपयोग आने वाली पिंक स्टोन को लेकर राजस्थान सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. पिंक पत्थर भरतपुर स्थित बंध बरेठा के हिस्से बंसी पहाड़पुर ब्लॉक पर मिलता है. सरकार यहां खनन पर लगी रोक को हटवाने की बात कर रही है. सरकार के मुताबिक उन्हें केंद्र से वन और वन्यजीव अधिनियम के तहत छूट मिल जाए.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंदिर की नींव के लिए भूमि के अंदर 100 फुट की गहराई तक खुदाई की जाएगी. इसके लिए कानपुर से ग्रासा गार्ड मशीने मंगवाई गई है. जिससे नींव की खुदाई की जाएगी. इस मशीन से मुख्य तौर पर पिलर के लिए नींव की खुदाई की जाएगी. दरअसल मंदिर की नींव रखने के लिए 200 मीटर गहराई तक खुदाई की जानी है और इस काम के लिए कुछ और मशीनें जल्द ही अयोध्या आ जाएंगे.

