अयोध्या में विवादित स्थल के मालिकाना हक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है. उम्मीद जतायी जा रही है कि 17 नवंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी आ जाएगा. देश के सबसे चर्चित और लंबे समय से विवादित मुद्दे पर देश ही नहीं दुनिया की भी नजरें लगी हैं. 40 दिन तक चली सुनवाई में हिन्दू और मुस्लिम पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं. इस बीच मध्यस्थता की कोशिश भी जारी है. अयोध्या विवाद का शांतिपूर्ण निपटारा करने के लिए श्री अरविंदो आश्रम ने भी पहल की है. पांडिचेरी के अरविंदो आश्रम ने मध्यस्थता कमेटी को एक पत्र भेजकर विवादित स्थल से सटी अपनी तीन एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव रखा है.
आश्रम ट्रस्ट ने अपने प्रस्ताव में लिखा है कि देश के सबसे विवादित मामले का अगर समझौते के आधार पर कोई शांतिपूर्ण हल निकलता है तो वह देशहित में अपनी जमीन देने को तैयार है.
बता दें कि केन्द्र सरकार ने विवादित स्थल के पास 67 एकड. भूमि अधिगृहीत की है. इस अधिगृहीत जमीन में 3 एकड़ जमीन श्रीअरविंदो आश्रम की है. आश्रम की जमीन पर इस समय एक ध्यान केन्द्र और मंदिरनुमा स्मारक बना हुआ है.

