रांंची: विश्व हिंदू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की कर्म-भूमि झारखंड में आकर मैं गौरव का अनुभव करता हूं . गीता जयन्ती पर ही 1992 में कारसेवा का निर्णय लिया था. यह सौभाग्य और गर्व का विषय है कि वो कलंक का टीका जिसको हटाने का संघर्ष 1528 से किया जा रहा था, 1992 की गीता जयन्ती पर दुनिया से हट गया.
हिन्दू समाज के पुरुषार्थ साकार हुए और लाखों लोगों का बलिदान सार्थक हुआ. इस आंदोलन से न केवल ढांचे के तीन गुम्बज ध्वस्त हुए अपितु हिंदू समाज में आत्म विश्वास, आत्म स्वाभिमान और संगठित हिंदू शक्ति का भी निर्माण हुआ. 2019 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा साक्ष्यों के आधार पर राम मन्दिर बनाने के लिए अन्तिम निर्णय लिया और केंद्र सरकार को आदेश दिया गया कि वे मन्दिर निर्माण के लिए न्यास का गठन करें. संतों के नेतृत्व में न्यास का गठन किया गया.
5 अगस्त 20 को रामजन्मभूमि पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत व सभी प्रमुख धर्माचार्यों की पावन उपस्थिति में प्रधानमंत्री मा. नरेंद्र मोदीजी के द्वारा भूमि पूजन के साथ ही मंदिर निर्माण कार्य आरम्भ हुआ.
प्रारम्भ से ही तय किया गया था कि हम सरकार से कोई पैसा नहीं लेंगे. ऐसे पूंजीपति भी आए, जिन्होंने कहा कि हम मंदिर का बजट पूरा कर सकते हैं. हमने उनको भी विनम्रता से अस्वीकार कर दिया. हमने निर्णय लिया, गाँव-गाँव तक जाएँगे, जन-जन तक जाएंगे, हर व्यक्ति को राम के साथ जोड़ेंगे और हर मोहल्ले, हर गांव, हर शहर, हर कस्बे में रहने वाले हर हिन्दू का सहयोग राम मन्दिर के निर्माण के लिए लेंगे. यह अभियान मकर संक्रान्ति ( 15 जनवरी 2021 ) से माघ पूर्णिमा ( 27 फरवरी 2021 ) तक चलेगा.
हमने प्रारम्भ में लक्ष्य रखा था कि हम चार लाख गाँवों के 11 करोड़ परिवारों को सम्पर्क कर 55 करोड़ हिन्दूओं का योगदान राम मंदिर के निर्माण के लिए लेंगे. लेकिन इस बारे में हुईं प्रान्तों की बैठकों में आश्चर्यजनक उत्साह लोगों में दिखाई दिया. अब यह लक्ष्य बहुत बढ़ गया. अब 5 लाख 23 हजार गांवों में 13 करोड़ से अधिक परिवारों के 65 करोड़ हिन्दुओं से सम्पर्क करके भव्य राम मन्दिर निर्माण हेतु निधि समर्पण अभियान को पूरा किया जाएगा. इसके निमित्त लगभग 10 लाख टोलियाँ बनी हैं, जिनमें लगभग 50 लाख कार्यकर्ता लगेंगे.
वैश्विक इतिहास का यह सबसे बड़ा सम्पर्क अभियान होगा. वास्तव में इस अभियान के पश्चात् राम जन्मभूमि पर पवित्र मन्दिर से रामराज्य की यात्रा प्रारम्भ हो जाएगी. ऐसा लगता है कि आने वाले तीन वर्षों के अन्दर भव्य मन्दिर साकार होगा और 2024 के आरम्भ में मन्दिर के शिखर पर भव्य भगवा पताका लहराएगी. उसका परिणाम यह होगा कि वर्तमान सहत्राब्दि राम की सहस्त्राब्दी होगी. सब ओर राम के आदर्शों के अनुसार चलने की प्रेरणा होगी.
झारखंड प्रान्त ने तय किया है कि अपने 32000 गांवों में से, प्रत्येक गांव में शत प्रतिशत सम्पर्क व हर हिन्दू से समर्पण कराने का प्रयास किया जाएगा. प्रदेश में 40 हजार टोलियों के द्वारा सम्पर्क किया जाएगा जिसमें लगभग दो लाख कार्यकर्ता लगेंगे जो कि 32 हजार परिवारों तक पहुंच कर झारखंड के दो करोड़ 17 हजार हिंदुओं को तक संपर्क करेंगे. प्रदेश स्तर पर एक समिति बनाई जाएगी. संतों के मार्गदर्शक मंडल में सभी सम्प्रदायों के संत और आचार्य सम्मिलित किए गए हैं.
इस अभियान के बाद निश्चित तौर पर एक नए सशक्त भारत का उदय होगा, जो एक महाशक्ति के रूप में सामने खड़ा होगा और विश्व गुरु के पद पर आसीन होगा.
इस प्रेस वार्ता में क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल क्षेत्र संगठन मंत्री केशव राजू जी अभियान के प्रांत संयोजक सह विहिप प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू उपस्थित थे.

