New delhi:- बाबा रामदेव ने कहा कि देश में जिन शहर, गांव और अन्य स्थानों के नाम मुगलों और अंग्रेजों ने साजिशन बदले थे उनके नाम वहीं रखे जाने चाहिए जो पहले से थे. यह नाम केवल मुगलों और अंग्रेजों की भारतीय सभ्यता और संस्कृति को नष्ट करने की साजिश थी. यह बातें बाबा रामदेव ने सोमवार को ब्रह्मलीन सत्यमित्रानंद गिरी की समाधि मंदिर का शिलान्यास के समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में कहीं. इस दौरान बाबा रामदेव ने कोरोनिल दवा को कोरोना के लिए बेहद कारगर बताया.
उन्होंने कहा कि हमसे कुछ ऐतिहासिक भूलें हुई हैं. जिन्हें सुधारना बहुत जरूरी है. हरिद्वार में योगग्राम के पास एक ओरंगाबाद गांव है. जिस तरह से अयोध्या का नाम फैजाबाद या फिर महाराष्ट्र में शंभाजी नगर का नाम औरंगाबाद किया था.
बाबा ने कहा कि कोरोना की रफ्तार फिर तेजी से बढ़ रही है. इसका कारण त्योहारी सीजन में लोगों की लापरवाही भी रही. लोग ना तो मास्क लगा रहे हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं. उन्होंने लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील की. रामदेव ने एक बार फिर से दावा किया कि उनकी कोरोनिल दवा कोरोना के उपचार में बेहद कारगर है. पतंजलि ने कोरोनिल को लेकर डबल्यूएचओ के मानकों को पूरा किया है. आज हम 150 देशों में कोरोनिल दवा को भेज रहे हैं.

