रांची: राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा विधायकदल के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल लोहरदगा दौरे पर पहुंचकर विगत दिनों लोहरदगा में हुए दंगा पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की तथा दंगा में मरने वाले नीरज राम प्रजापति के घर जाकर परिजनों को दुःख की घड़ी में सांत्वना दिया.
प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, महामंत्री एवं सांसद सुनील सिंह,पूर्व मंत्री एवं सांसद सुदर्शन भगत, एस टी मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अरुण उरांव, पूर्व विधायक सुखदेव भगत, गंगोत्री कुजूर शामिल थे.
मीडिया से बात करते हुए मरांडी ने कहा कि सीएए के समर्थन जुलूस पर हुए पथराव, आगजनी, बड़े पैमाने पर हुए तोड़ फोड़ एवं लूट की घटना एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत कराई गई है, जिसमे प्रशासनिक संलिप्तता है.
उन्होंने कहा कि प्रशासन के लिखित इजाजत के बाद शहर में जुलूस निकाला गया था, बावजूद इसके प्रशाशन ने सतर्कता नहीं बरती. सरकार का खुफिया तंत्र विफल रहा. समर्थन जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण था फिर भी हजारों की भीड़ पर पथराव हुआ, सैकड़ो वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, घरों में आग लगाए गए, करोड़ों की संपत्ति लूट ली गयी.

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना को सरकार के मंत्री छोटी घटना बताकर इस पर पर्दा डाल रहे हैं जबकि स्थिति यह है कि लोहरदगा में लंबे समय तक कर्फ्यू लगा रहा, आज भी कई लोग दहशत में है तथा घर से बाहर यत्र तत्र रहने को विवश हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार ने आज तक पीड़ितों की सुध नहीं ली, मृतक के परिजन से मुलाकात नहीं की. मरांडी ने कहा कि दोषी आज खुलेआम घूम रहे है. प्रशाशन द्वारा पीड़ितों के शिकायत पर एफ.आई.आर तक दर्ज नहीं किए जा रहे.
मरांडी ने कहा कि घटना की न्यायिक जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित कमिटी से कराई जाए, घटना के जिम्मेवार प्रशासनिक अधिकारियों को भी दंडित किया जाए, दोषियों की गिरफ्तारी हो तथा पीड़ित परिवार की नष्ट संपत्ति का शीघ्र मुआवजा मिले. मृतक नीरज राम प्रजापति के परिजन को भी मुआवजा मिले.

