सांसद महेश पोद्दार ने राज्यसभा में विशेष उल्लेख के तहत उठाया मामला
रांची:- राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने ग्राहकों के बैंक लॉकर्स को बैंक के अपने चेस्ट (तिजोरी) के सामान सुरक्षा देने का आग्रह किया है.साथ ही, उन्होंने कहा कि बैंक ग्राहकों से प्रीमियम लेकर बैंक लॉकर्स में रखे जानेवाले दस्तावेजों या संपत्तियों के बीमा की व्यवस्था पर भी विचार करें, सरकार को इसके लिए जरुरी प्रावधान निर्धारित करने पर विचार करना चाहिये.पोद्दार ने मंगलवार को राज्यसभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से यह मामला उठाया.
पोद्दार ने सदन में कहा कि भारतीय जनमानस बैंकिंग व्यवस्था पर अटूट भरोसा करता है. लोगों को लगता है कि बैंक वह सबसे उपयुक्त स्थान है जहां उनकी गाढ़ी कमाई को प्रतिकूल परिस्थितियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है. बैंकों में लूट या चोरी की घटनाओं के बाद भी बैंक ग्राहकों की जमा राशि की मांगे जाने पर वापसी की गारंटी देते हैं. यह प्रक्रिया बैंकों के प्रति आम लोगों के विश्वास में वृद्धि करती है. बैंकों के प्रति कायम यही विश्वास लोगों को आभूषण, संपत्ति के दस्तावेज आदि बैंक लॉकरों में जमा रखने को प्रेरित करता है. लेकिन विगत कुछ वर्षों में बैंक लॉकरों से चोरी अथवा लूट की कुछ घटनाओं ने इस विश्वास को आंशिक तौर पर ही सही, खंडित किया है.
श्री पोद्दार ने करीब तीन वर्ष पूर्व झारखण्ड के बोकारो में हुई एक घटना का हवाला दिया, जिसमें अपराधियों ने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा के 76 लॉकरों से चोरी की थी. शिकायत लेकर बैंक पहुंचे ग्राहकों के मुताबिक़ बहुमूल्य आभूषणों समेत करोड़ों की संपत्ति की चोरी हुई थी. उन्होंने कहा कि बैंक लॉकरों में ग्राहकों द्वारा रखे गए “कंटेंट” अर्थात संपत्ति की मात्रा अथवा कीमत का कोई ब्यौरा बैंक अपने पास नहीं रखते.स्पष्ट है कि बैंक लॉकरों से चोरी या इनकी लूट की हर घटना के बाद ग्राहकों और बैंक के बीच विवाद के एक नए दौर के शुरुआत की संभावना बनी रहती है.
इन अप्रिय स्थितियों से बचने का सर्वाधिक उत्कृष्ट उपाय यही है कि बैंक लॉकरों की सुरक्षा को बैंक के चेस्ट (तिजोरी) की भांति ही, अभेद्य और तकनीकी तौर पर ज्यादा सक्षम बनाया जायद्यउन्होंने आग्रह किया कि सदन विशेष चर्चा के माध्यम से इसके तकनीकी पहलुओं और वर्तमान प्रावधानों को और सुदृढ़ बनाने के उपाय ढूंढें, सरकार इससे सम्बंधित नियम दृ परिनियम बनाय.उन्होंने सुझाव दिया कि ग्राहकों से दस्तावेज या संपत्ति के मूल्य अथवा महत्व के हिसाब से प्रीमियम लेकर बैंक लॉकर्स में रखी गयी वस्तुओं के बीमा का इंतजाम भी करें.

