दीपक
रांची: राजधानी रांची में पीने के पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए अब 700 करोड़ की नयी योजना बनेगी. इसके लिए एशियाई विकास बैंक से 400 करोड़ रुपये का कर्ज सरकार लेगी. नगर विकास विभाग की एजेंसी जूडको की तरफ से योजना क्रियान्वित की जायेगी.
शुरू में बरियातू फायरिंग रेंज की पहाड़ी के पास 210 मिलियन लीटर प्रति दिन की क्षमता वाला जलागार बनाया जायेगा. इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में 418 किलोमीटर तक पाइपलाइन बिछायी जायेगी. यह रांची शहरी जलापूर्ति का फेज-2 प्लान है. अब तक शहर की 10 लाख की आबादी तक पानी पहुंचाने के लिए पुरानी योजना और एलएनटी के 350 करोड़ की योजना पर अमल हो चुका है. अब फेज-2 में कैपेक्स मॉडल पर 400 करोड़ और ऑपरेशन यानी ओपेक्स मॉडल पर 298 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.
बरियातू फायरिंग रेंज पर बननेवाला जलागार शहर का तीसरा जलागार होगा, जहां से पीने के पानी की आपूर्ति होगी. इस योजना पर काम करनेवाली कंपनी को पांच वर्षों तक मेंटेनेंस का काम भी करना होगा. इसमें रूक्का डैम तक पानी लाने के लिए राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाया जायेगा. फिर उसके वितरण के लिए डाउन लाइन पाइप बिछाये जाने की भारी-भरकम योजना बनायी गयी है. ग्राउंड लेवल सर्विस रिजरवायर (जलागार) गुरुत्वाकर्षण विधि से संचालित होगी. इसके लिए जलमिनार नहीं बनाये जायेंगे.
फिलहाल 13 से अधिक जलमिनारों से शहर के 52 वार्ड में होती है जलापूर्ति
रांची शहर के 52 वार्डों में 13 से अधिक जलमिनारों से प्रति दिन पानी की आपूर्ति होती है. ये जलागार बूटी पहाड़ी, रिम्स कैंपस, मोरहाबादी मैदान, राजभवन के समीप, चर्च रोड, पुलिस लाइन, रातू रोड, सिंहमोड़, हिनू, ऑफिस पाड़ा, डोरंडा बाजार, कुसई कालोनी, पुनदाग, अरगोड़ा, अशोकनगर और अन्य जगहों पर हैं.
प्रति दिन शहर की जरूरत के लिए होती है 45 एमजीडी पानी की आपूर्ति
शहर के सभी वार्डों की जरूरत को पूरा करने के लिए रांची के रूक्का, गोंदा और हटिया डैम से 45 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) पानी की आपूर्ति होती है. रूक्का डैम से सबसे अधिक 30 से 38 एमजीडी, हटिया से आठ एमजीडी और गोंदा से चार एमजीडी पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है.

