रांची: कोरोना काल में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि एवं संबद्ध विषयों की शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार क्षेत्रों का कार्य काफी उत्साहजनक रहा है. विवि में कृषि, वानिकी एवं पशु चिकित्सा संकाय के 11 कॉलेजों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य निर्बाध जारी है.
कॉलेजों के शिक्षक विद्यार्थियों से ऑनलाइन संपर्क में है. छात्रों को सेमेस्टरवार ईमेल व व्हाट्सअप पर लेक्चर नोट्स, शिक्षण सामग्री एवं शैक्षणिक परामर्श दिए जा रहे है. गूगल मीट, जूम और वेबिनार के माध्यमों से छात्रों का पठन- पाठन और जिज्ञासा समाधान किया जा रहा है.
कृषि संकाय के विषयों से सबंधित विभागों के लेक्चर का 138 वीडियो लेक्चर यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर छात्रों के पाठ्यक्रमों से अद्यतन रखने की कोशिश की जा रही रही है. इस यूट्यूब चैनल के 15 सौ से अधिक सब्सक्राइबर है.
एग्रीकल्चर एवं फॉरेस्ट्री के अंडर ग्रेजुएट्स एवं पोस्ट ग्रेजुएट्स प्रोग्राम का रिजल्ट सही समय पर निकाला गया. छात्रों के निकटतम पशु चिकित्सा केन्द्रों में इंटर्नशिप पूरी होने पर वेटनरी के अंडर ग्रेजुएट्स प्रोग्राम के छात्रों का रिजल्ट भी प्रकाशित कर दी जायेगी.
छात्रों हित में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम के विभिन्न सेमेस्टर में ऑनलाइन एडमिशन कार्य पुरा कर लिया गया है. अकादमिक कौंसिल के अनुमोदन से विद्यार्थियों की समस्यायों का समाधान किया गया है.
कृषि कॉलेज के 5 सीनियर्स छात्रों ने ‘एग्रीविजाड बीएयू यूटयूब चैनल’ लांच कर जूनियर्स छात्रों को हायर एजुकेशन एवं एग्रीकल्चरल सर्विस की राह आसान किया.
छात्रों ने ‘एग्रीकैप्सूल एवं एग्री नोट्स एप’ को गूगल प्लेस्टोर में डाउनलोड कर बदलते शिक्षा परिवेश का विकल्प पेश किया. एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग के छात्रों ने 150 किताबों युक्त ‘एनरीड् नामक ई- लाइब्रेरी मोबाइल एप’ से इस नये कॉलेज के छात्रों की राह आसान बना दी.
बीएयू वैज्ञानिकों ने ‘झारखंड वेदर पोर्टल एवं एप’ को बनाकर किसानों को तीन भाषाओं में 31 फसलों का मौसम पूर्वानुमान आधारित स्वचालित कृषि सलाह का मार्ग प्रशस्त किया.

