रांची: ऑनलाइन खरीद-फरोख्त करते हैं तो सावधान हो जाएं. एक छोटी सी गलती आप पर बहुत भारी पड़ सकती है. इसलिये क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड के जरिए स्वाइप मशीन और मोबाइल फोन से ई-पेमेंट करने वालों को कुछ जरूरी सावधानी बेहद जरूरी है.
ई-पेमेंट के वक्त सावधानी बरतें. अन्यथा साइबर क्रिमिनल आपके बैंक खाते में सेंधमारी कर एक क्लिक में आपके खाते को खाली कर सकते हैं. वो लोग आपकी रकम को अपने खाते में ट्रांसफर भी कर सकते हैं और उन पैसों से ऑनलाइन शापिंग भी कर सकते हैं.
डिजिटल डकैत कैसे आपके बैंक अकाउंट में डाका मार सकते हैं अगर आप ये जान लेंगे तो इनसे बचने के उपाय अपनाएंगे तो आपका पैसा सुरक्षित रहेगा.
- अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो कम से कम 2 क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करें जिससे एक ही क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट लिमिट बहुत ज्यादा ना हो. अगर 2 कार्ड यूज करेंगे तो थोड़ी-थोड़ी लिमिट उन दोनों में बंट जाएगी. ऐसे में 1 कार्ड की डिटेल्स चोरी होने की सूरत में आपके सारे पैसे पर ज्यादा खतरा नहीं आएगा.
- अपना नेट बैंकिंग पासवर्ड, डेबिट-क्रेडिट आईडी पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें. जल्दी-जल्दी पासवर्ड बदलने से आपके डेबिट-क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन या नेट बैंकिंग के पासवर्ड के हैक होने का खतरा काफी कम हो जाता है. क्योंकि लंबे समय तक एक ही पासवर्ड या कार्ड पिन यूज करते रहते हैं तो वो ब्राउजर हिस्ट्री में आ सकता है.
- पासवर्ड बेहद आसान भी नहीं होना चाहिए. डेबिट-क्रेडिट कार्ड पिन में आप अपने जन्मदिन या ऐसी तारीखों का ना रखें जो ज्यादातर सब जानते हों. इनका अंदाजा लगाना आसान होता है.
- अगर आपके पास बैंक, आरबीआई, इरडा या किसी फाइनेंशियल संस्था के नाम पर फोन आता है और किसी भी वजह से आपके डेबिट-क्रेडिट कार्ड की डीटेल्स पूछी जाती हैं तो देने से साफ मना कर दें.
- बैंक समय-समय पर अपने ग्राहकों को बताता रहता है कि उसकी तरफ से कार्ड की डीटेल्स पूछी जाने के लिए कोई अधिकार नहीं हैं. मोबाइल से ई-पेमेंट करते वक्त अपना मोबाइल किसी के भी हाथ में न दें.
- एप डाउनलोड करते वक्त सावधानी बरतें और मोबाइल स्क्रीन पर दिखने वाले विज्ञापन को क्लिक न करें, वर्ना आपका मोबाइल हैक हो सकता है. अगर आपका मोबाइल डाटा हैक हो गया तो संभावना है कि आपके मोबाइल बैंकिंग एप के जरिए आपके पैसे पर संकट आ जाए.
- अपना मोबाइल बैंकिंग पिन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड पिन किसी को ना बताएं. ये ऐसा माध्यम है जिसके जरिए सिर्फ फोन से आपके खाते का सारा पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है.
नेट बैंकिंग ग्राहकाेें की संख्या बढ़ी:
पिछले छह माह में झारखंड में नेट बैंकिंग ग्राहकों की संख्या बढ़ी है. नेट बैंकिंग ग्राहकों की कुल 8.70 लाख पहुंच चुकी है. यही नहीं, क्रेडिट कार्ड अपनाने वालों की संख्या में बढ़ोत्त्री हुई है.
छह माह में 61,198 से अधिक ग्राहकों ने इस्तेमाल किया है. कोरोना काल में झारखंड के युवाओं के बीच क्रडिट कार्ड इस्तेमाल करने का प्रचलन बढ़ा है.
नेट बैंकिंग का ज्यादा प्रयोग कर रहे लोग:
एसएलबीसी के 31 मार्च, 2020 के जारी आंकडों पर नजर डालें तो पायेंगे कि झारखंड में नेट बैंकिंग का प्रयोग करने वालों की संख्या 36.82 लाख है. जबकि 30 सितंबर, 2019 तक यह संख्या 28.11 लाख था.
31 दिसंबर, 2018 में यह संख्या 24.37 लाख और 31 दिसंबर, 2017 तक झारखंड में नेट बैंकिग प्रयोग करने वालों की संख्या 20.34 लाख था. नेट बैंकिंग के मामले में सबसे अधिक एसबीआइ आगे हैं.
16,09,465 ग्राहक इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. डेबिट कार्ड, एटीएम, रुपे कार्ड का प्रयोग करने वालों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है. 31 मार्च, 2020 में 2.08 करोड ग्राहक थे. जबकि 30 सितंबर, 2019 में यह आंकडा 2.05 करोड़ था.
आंकड़े इस प्रकार है:
31 मार्च, 2020 तक नेट बैंकिंग ग्राहकों की संख्या :
- एसबीआइ@1609465
- पीएनबी@796423
- बीओआइ@286368
- सेंट्रल बैंक@190012
- आइडीबीआइ@154700
31 मार्च, 2020 तक क्रेडिट कार्ड ग्राहकों की संख्या :
- एसबीआइ@342215
- एक्सिस बैंक@50797
- एचडीएफसी@13125
- बीओआइ@9491
- केनरा@6795

