रांची: जैन धर्मालंबियों के तप, तपस्या और त्याग का दशलक्षण महापर्व 23 अगस्त से शुरु होकर एक सितंबर तक चलेगा. इसमें दस दिनों तक दस धर्मा की विशेष पूजा-अर्चना होगी.
इसमें प्रथम दिन उत्तम क्षमा, दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा-अर्चना के साथ भगवानद श्री सुपार्श्वनाथ का गर्भ कल्याणक तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म पूजन, चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की पुजन और भगवान
श्री पुष्पदंत जी का मोझ कल्याणक, पांचवे दिन उत्तम सत्य धर्म की पूजन, छठे दिन उत्तम संयम धर्म पूजन के बाद सुगंध दशमी का विशेष कार्यक्रम होगा. सातवें दिन उत्तम तप धर्म की पूजन, आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म, नौवें दिन उत्तम आकिंचन्य धर्म पूजन और दसवें और अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के पूजन होगें.
इस मौके पर कई श्रद्धालु दस दिनों का व्रत रखेगें. इस बार कोरोना संक्रामक की वजह से राज्य सरकार द्वारा अब तक धार्मिक स्थलों को खोलनें की इजाजत नहीं दी है.
इस वजह से माना जा रहा है कि सभी कार्यक्रम सरकार की गाइड लाइन के साथ होंगे. कार्यक्रम को लेकर कल दिगंबर जैन पंचायत की कार्यकरणी की बैठक में कार्यक्रम को लेकर अंतिम निर्णय होगा.

