नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि वे अगले छह महीने में अपने तरीके से संभल जाएं नहीं तो आने वाले समय में उनके पैर तोड़ दिए जाएंगे. दिलीप घोष ने यह भी कहा कि यदि टीएमसी कैडर अपनी “शरारत” जारी रखते हैं तो उन्हें श्मशान जाना होगा.
दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के हल्दिया शहर में एक रैली को संबोधित करते हुए टीएमसी कैडरों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि केंद्र पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करेगा, जिनके अगले साल अप्रैल या मई में होने की संभावना है.
दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव राज्य पुलिस की मौजूदगी में नहीं बल्कि ‘केंद्रीय बलों की मौजूदगी में’ होंगे. दिलीप घोष ने इसके बाद टीएमसी कैडरों को चेतावनी दी कि वे अगले छह महीने में अपने रास्ते बदल दें नहीं तो उनके पैर तोड़ दिए जाएंगे और उन्हें अस्पताल भेज दिया जाएगा.
दिलीप घोष ने कहा, “मैं ममता दीदी के लोगों को बताता हूं, जो लोग शरारत करते हैं, वह 6 महीने के भीतर खुद को सही कर लें, वरना उनके हाथ, पैर, पसलियां और सिर तोड़ दिए जाएंगे और घर जाने से पहले आपको अस्पताल जाना होगा.”
उन्होंने कहा, “अगर वे शरारतें बढ़ाते हैं, तो उन्हें श्मशान में भेज दिया जाएगा.” दिलीप घोष ने कहा, “केंद्र स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगा और पश्चिम बंगाल के लोग बिना किसी डर के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का निर्वाह कर सकेंगे.”
इस बीच, टीएमसी ने कहा है कि भाजपा प्रदेश में आतंक का शासन करने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने दिलीप घोष की आलोचना करते हुए कहा कि यह एक गुंड़े की भाषा है.
उन्होंने ट्वीट किया, “राजनीतिक मतभेदों के बावजूद किसी को भी सड़क पर गुंड़ों की भाषा के राजनीतिक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. इससे भी बुरा यह है कि भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख इसका सहारा ले रहे हैं!”

