कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी एक जनसभा में एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और आईएसएफ के अध्यक्ष अब्बास सिद्दीकी पर बड़ा हमला बोला है. सीएम ममता ने आरोप लगया कि ओवैसी और अब्बास सिद्दीकी को भाजपा की तरफ से हिंदू और मुस्लिम को बांटने के पैसे मिले हैं.
ममता बनर्जी ने रायदिघी के जनसभा में मौजूद लोगों से कहा कि अगर आप एनआरसी और बंटवारा नहीं चाहते हैं तो ओवैसी और अब्बास वोट मत करें. उन्हें वोट करने का मतलब है कि भाजपा को वोट देना. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति है कि हिंदू और मुस्लिम एक साथ चाय पीते हैं. एक साथ दुर्गा पूजा और काली पूजा मनाते हैं. हमारे गांवों में अशांति होने पर भाजपा को फायदा होगा और सत्ता में आ जाएंगे.बता दें कि बंगाल में तीसरे चरण का मतदान 6 अप्रैल को होने वाला है.
बनर्जी ने अपनी हिंदू पहचान पर जोर देते हुए कहा कि मैं एक हिंदू हूं जो हर दिन घर से निकलने से पहले चंडी मंत्र का जाप करती है. लेकिन मैं हर धर्म को सम्मान देने की अपनी परंपरा में विश्वास रखती हूं. दलितों के घर में भोजन खाने पर भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मैं एक ब्राह्मण महिला हूं लेकिन मेरी करीबी सहयोगी एक अनुसूचित जाति की महिला है जो मेरी हर जरूरत का ध्यान रखती है. वह मेरे लिए भोजन भी पकाती है.
बनर्जी ने कहा कि मुझे इसका प्रचार करने की जरूरत नहीं है क्योंकि जो दलित के आंगन में खाना खाने के लिए पांच सितारा होटल से भोजन मंगवा कर खा रहे हैं वे दलित विरोधी, पिछड़ा वर्ग विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी हैं. उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आयी तो वह संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करेगी जिससे ”कई नागरिकों को यहां से जाना पड़ेगा.

