कोलकाताः पश्चिम बंगाल में 10 साल बाद वापसी की बाट जोह रहे वाम मोर्चा ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. सीपीआई-एम के राज्य मुख्यालय में वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस द्वारा जारी घोषणा पत्र में तमाम वादे किए गए हैं. चुनावी घोषणा पत्र में कहा गया है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो राज्य में सीएए-एनआरसी को लागू नहीं होने देंगे. इसके अलावा वाम मोर्चा ने राज्य में कानून के शासन को बहाल करने का भी वादा किया है. यही नहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) की अगुवाई वाले मोर्चे ने 16 पेज के चुनावी घोषणा पत्र में कहा है कि राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योगों के निर्माण के लिए विशिष्ट और प्रभावी नीतियां भी बनाई जाएंगी. इसके अलावा 100 दिन के रोजगार कार्यक्रम को ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक बढ़ाया जाएगा. काम और मजदूरी को बढ़ाकर 150 दिन किया जाएगा. घोषणा पत्र में यह भी कहा गया, ‘हम उद्योग, कृषि, सहकारी क्षेत्रों और छोटे तथा मध्यम उद्यमों में रोजगार पैदा करने में प्राथमिकता देंगे.’ वाम मोर्चे ने धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का पालन करने और मुसलमानों सहित भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यको की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया. चुनावी घोषणा पत्र में यह भी कहा गया है, ‘जब टीएमसी का बीजेपी के साथ एक गुप्त समझौता है’, तो वाम मोर्चा ‘धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का सख्ती से पालन करेगा और किसी के धार्मिक व्यवहार में हस्तक्षेप नहीं करेगा.

