पश्चिम बंगालः बंगाल में सत्ता हथियाने के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है. आज ब्रिगेड मैदान पर पीएम मोदी भी बड़ी रैली करने जा रहे हैं, इससे पहले शनिवार को भाजपा ने 57 प्रत्याशियों की अपनी पहली सूची भी जारी की. पहले दो चरणों के चुनाव के लिए जारी हुई लिस्ट में सबसे महत्वपूर्ण नाम सुवेंदु अधिकारी का है. जो नंदीग्राम सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा प्रत्याशी होंगे. अगर इन 57 प्रत्याशियों की विवेचना की जाए तो कई दिलचस्प जानकारी और आंकड़े सामने आते हैं.
भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने जब सूची जारी की तो यह पता लगा कि भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने एक भी मुस्लिम कार्यकर्ता को प्रत्याशी नहीं बनाया है. बीजेपी का पूरा ध्यान हिंदू वोटों पर ही है. पॉलिटिकल पंडित भी कहते हैं कि भाजपा बंगाल में हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण करना चाहती है. संभव है कि पार्टी पूरे प्रदेश में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी न उतारे. तृणमूल कांग्रेस भी बीजेपी की इस चाल से अच्छी तरह वाकिफ है, शायद इसलिए इस बार उसने भी अपनी रणनीति बदली है. 70 फीसदी हिंदू और 27 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले इस राज्य में ममता ने इस बार 42 मुस्लिमों को टिकट दिया है. जबकि पिछले चुनाव में यह संख्या 57 थी.
पार्टी की पहली लिस्ट में 12 अनुसूचित जाति और 7 अनुसूचित जनजाति उम्मीदवारों के नाम भी हैं. कभी ममता बनर्जी की करीबी माने जानी वाली महिला ips अधिकारी भारती घोष को बीजेपी ने टिकट दिया है. वह झाड़ग्राम की कमिश्नर रहीं हैं. भारती का सामना एक और पूर्व आईपीएस हुमायूं कबीर से होना है, जिन्होंने पिछले माह ही पुलिस कमिश्नर का पद छोड़ा था, इन्हें टीएमसी से टिकट मिला है. पश्चिम मेदिनीपुर की देबरा सीट में दो पूर्व ips अधिकारियों की टक्कर दिलचस्प होगी. टिकट बंटने से एक दिन पहले ममता दीदी का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तन्मय घोष को विष्णुपुर से प्रत्याशी बनाया गया है. याद हो कि पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में मतदान होने हैं.बंगाल चुनाव में नंदीग्राम सीट अब सबसे आकर्षक व कड़ी चुनौती वाली होगी. सीएम ममता बनर्जी का सुवेंदु अधिकारी से मुकाबला होगा. देखना दिलचस्प होगा कि सुवेंदु अधिकारी किस तरह से ममता बनर्जी का सामना करेंगे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी परंपरागत भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम पहुंची हैं. ममता बनर्जी ने नंदीग्राम को ही मुद्दा बनाकर बंगाल से लेफ्ट का किला उखाड़ा था तब सुवेंदु ही ममता के सबसे बड़े योद्धा थे, जिनकी नंदीग्राम इलाके में गहरी पकड़ मानी जाती है. हालांकि कुछ दिनों पहले ही वे तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं.सत्तारूट पार्टी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर हैं, जिन्होंने एक-एक सीट का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की जिनका फीडबैक निगेटिव आया पार्टी ने उनका टिकट काट दिया, जिन लोगों को टिकट नहीं मिले, अब वे भाजपा में जा चुके हैं या जाने की तैयारी में हैं. इनमें राहुल चक्रवर्ती, देबाश्री भट्टाचार्य जैसे कई बंगाली एक्टर्स का नाम हैं. इसके अलावा तृणमूल की पूर्व विधायक दिपाली साहा, tmc के छात्र नेता कनिष्क मजूमदार, सौरव रॉय चौधरी, सयान मुखर्जी, सुभंकर प्रमुख हैं. वैसे भी भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक सिर्फ 57 प्रत्याशियों के नाम का ही एलान किया है, क्या पता टीएमसी छोड़कर जाने वाले इन दलबदलुओँ की किस्मत पलट ही जाए.

