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500 दुकानदार सस्पेंड, 25 का लाइसेंस रद्द, 42 के खिलाफ एफआईआर दर्ज
रांची: झारखंड में राशन डीलरों द्वारा बरती जा रही गड़बड़ियों के बीच राज्य की हेमंत सरकार ने ताबड़तोड़ एक्शन लिया है. झारखंड में खाद्य विभाग ने एक साथ पूरे राज्य के राशन डीलरों के यहां छापेमारी की है.
छापेमारी और जांच के दौरान राज्य के 7010 पीडीएस दुकानों में एक साथ छापेमारी की गयी, जिसमें 500 दुकानदारों को गड़बड़ियों के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. 25 दुकानदारों का लाइसेंस रद्द किया गया है और 42 दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है.
विभाग को शिकायते मिल रही थी की राशन डीलर गरीबों को कम अनाज देते है या अनाज का अधिक मूल्य ले रहे है. जिसके बाद सरकार ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर गड़बड़ी कर रहे राशन डीलरों को धर दबोचा.
इतना ही नहीं खाद्य विभाग अब निरंतर ऐसी छापेमारी करता रहेगा, इसके लिए विभाग ने 310 उड़न दस्ते तैयार किये है, जो गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तुरंत संबंधित राशन दूकान में छापेमारी करेंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद राज्य के हर प्रखंड में एक और जिले में दो-दो उड़न दस्तो ने काम करना शुरू कर दिया है.
7010 पीडीएस दुकानों में छापेमारी:
झारखंड में 7010 पीडीएस दुकानों में छापेमारी की गयी है. हजारीबाग में सर्वाधिक 1700, बोकारो में 1400, रांची में 800, जमशेदपुर में 430 जबकि गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज में करीब 300 दुकानों की जांच की गयी है.
अधिक मूल्य वसूलने के कुल 10 मामले गढ़वा, हजारीबाग, रामगढ़ और कोडरमा से मिले है. वहीं कम तौल के 102 मामले पकड़े गए है. गोड्डा में 21, सिमडेगा में 12, पलामू, कोडरमा में 11-11 और दुमका में 5 मामले पकड़े गए है.
दुकानदार अपनी बुरी आदतों से बाज आए- खाद्य सचिव :
खाद्य आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने राशन डीलरों और दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य के राशन डीलर और दुकानदार अपनी बुरी आदतों से बाज आ जाये. हरकतों से बाज नहीं आने वाले दुकानदारों और राशन डीलरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

