नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया है. केंद्र की मोदी सरकार ने देश के पांच और राज्यों को इस योजना से जोड़ दिया है.
बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दमन-दिऊ भी अब वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का लाभ उठा सकेंगे. केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2020 को कुल 12 राज्यों को आपस में इस योजना से जोड़ा था. अब देश में कुल 17 राज्य हो गए हैं जो इस योजना से आपस में जुड़ जाएंगे.
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. केंद्र सरकार ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना को आगामी 1 जून से पूरे देश में लागू करने का ऐलान कर रखा है. पासवान ने बताया कि 12 राज्यों में पहले से ये योजना लागू की जा चुकी है. अब इन 5 राज्यों में भी वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना लागू कर दी गई है.’
बता दें कि इस योजना के लागू होने के बाद किसी भी राज्य का आदमी किसी भी राज्य से राशन ले सकता है. ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना 1 जून 2020 से शुरू होगी.
इस योजना में पुराना राशन कार्ड भी मान्य होगा. देश के 12 राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड और त्रिपुरा में ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ सुविधा की शुरुआत हो चुकी है.
इस स्कीम के तहत किसी को भी नया राशन कार्ड बनवाने की जरुरत नहीं है. 12 राज्यों में 1 जनवरी से लागू हो चुकी है राशन कार्ड की नई स्कीम- ‘एक देश, एक राशन कार्ड’ मोदी सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पूरे देश में पीडीएस धारकों को देश के किसी भी कोने में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से उनके हिस्से का राशन मिल सकेगा.
इस योजना के तहत पीडीएस के लाभार्थियों की पहचान उनके आधार कार्ड पर इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) डिवाइस से की जाएगी. केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत देशभर में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को सस्ते दामों पर खाद्यान मुहैया करवाती है.
इस योजना को पूरे देश में लागू करने के लिए सभी पीडीएस दुकानों पर पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. जैसे-जैसे राज्य पीडीएस दुकानों पर 100 फीसदी पीओएस मशीन की रिपोर्ट देंगे, वैसे-वैसे उन्हें ‘वन नेशन,वन राशन कार्ड’ योजना में शामिल किया जाएगा. इस योजना का मकसद लाभार्थियों को स्वतंत्रता देना है ताकि वे किसी पीडीएस दुकान से बंधे नहीं रहें. इससे दुकान मालिकों पर निर्भरता घटेगी और भ्रष्टाचार में कमी आएगी.

