नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में संसद भवन के पास से बुधवार एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है. शख्स के पास एक चिट्ठी बरामद हुई है. फिलहाल इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक इस संदिग्ध को विजय चौक पर हिरासत में लिया गया. ड्यूटी पर तैनात CRPF के जवानों ने इस संदिग्ध शख्स को पकड़ा था. उससे संसद मार्ग थाने में पूछताछ चल रही है.
संदिग्ध के पास आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ है लेकिन दोनों पर नाम अलग-अलग है. ड्राइविंग लाइसेंस में उसका नाम फिरदौस है जबकि आधार कार्ड में नाम मंजूर अहमद अहंगेर है. पूछताछ में शख्स बार-बार बयान बदल रहा है.
इस शख्स को संसद मार्ग थाने ले जाया गया है, जहां उससे पूछताछ चल रही है. इस शख्स के मिलने के बाद संसद भवन और आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बताया जा रहा है कि हिरासत में लिया गया युवक कश्मीरी है. जो रथसून बीरवाह, बडगाम का रहने वाला है. उसके पास से एक बैग भी बरामद हुआ है.
वह संदिग्ध हालात में संसद भवन के आसपास घूम रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि ये है एक सामान्य प्रक्रिया है. पूछताछ के बाद ही कुछ औपचारिक तौर पर कुछ कहा जा सकता है. CRPF से बातचीत में वो कई बार अपनी बातों से पलटा इसके बाद फौरन पुलिस और अन्य एजेंसियों को सूचना दी गई.
बताया जा रहा है कि पहले उसने बताया कि 2016 में घूमने के लिए दिल्ली आ चुका था. फिर बोला वो लॉकडाउन में दिल्ली आया था और तभी से यहीं पर है. उसने कभी जामिया, फिर निजामुद्दीन तो कभी जामा मस्जिद इलाके में रहने की जानकारी दी.
बता दें कि इसके पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद आईएसआईएस से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया था. उसके पास से 15 किलो विस्फोटक बरामद हुआ है. पकड़ा गया आतंकी लोन वुल्फ अटैक और फिदायीन हमला करने की फिराक में था.
आईईडी से जुड़े 2 प्रेशर कुकर बम बनाकर तैयार किए गए थे. दोनों बमों में कुल 15 किलो विस्फोटक था. इतना ज्यादा विस्फोटक कि उसे डिफ्यूज करने के लिए एनएसजी की टीम आई. बुद्धा जयंती पार्क में ऑटोमैटिक रोबोट मशीन के जरिए दोनों बमों को मिट्टी के ढेर में सुरक्षित ले जाया गया और फिर बमों को निष्क्रिय कर दिया गया.

