दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए सरकार अस्पतालों में बेडों का इतंजाम कर रही हैं.
इसी बीच सरकार ने नॉन कोविड मरीजों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार द्वारा पूरी तरह कोविड घोषित किए गए 14 निजी अस्पतालों में अब नान कोविड मरीजों का भी इलाज हो सकेगा.
अस्पताल प्रबंधन के आग्रह पर सरकार ने इन अस्पतालों में अतिरिक्त बेड बढ़ाकर नान कोविड मरीजों का इलाज करने की अनुमित दे दी.
दिल्ली सरकार ने 14 बड़े प्राइवेट अस्पतालों को 100% कोविड अस्पताल घोषित करने के अपने आदेश में संशोधन किया है. अब दिल्ली सरकार ने तय किया है कि इन 14 अस्पतालों में कुल 3553 बेड्स कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व किये जायेंगे.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि नॉन-कोविड मरीजों के लिए अलग से बेड्स लगाए जाएंगे, ताकि उनके इलाज में कोई कमी ना रह सके.
बैठक में यह भी कहा गया है कि विभिन्न अस्पतालों में बेड्स की संख्या लगभग 35 फीसदी तक बढ़ाई जाए. विभिन्न अस्पतालों में नॉन-कोविड मरीजों के लिए अलग बेड्स की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही हर जरूरी सुविधाएं भी दी जाएंगी.
वहीं सरकार द्वारा संसोधित आदेश का दिल्ली के इन अस्पतालों ने स्वागत किया है. इन अस्पतालों में नॉन कोविड बेड बढ़े हैं. इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल (218), सर गंगाराम अस्पताल (175), होली फैमिली अस्पताल (70), वेंकटेश्वर अस्पताल (25), जयपुर गोल्डन अस्पताल (42), माता चानन देवी अस्पताल (10), पुष्पावती सिंघानिया अस्पताल (18), सरोज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (14), महाराजा अग्रसेन अस्पताल, पंजाबी बाग (50), मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, शालीमार बाग (70), फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग (62), श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, पश्चिम विहार (30).

