दिल्ली: शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ी खबर है. आज न्यायालय ने एक अहम सुनवाई करते हुए 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को खारिज कर दिया है. इसके अलावा नियोजन नीति को भी हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया है. कुछ दिन पूर्व ही इस मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने राज्य की नियोजन नीति को सही ठहराते हुए अदालत में कहा कि झारखंड की कई परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही यह नीति बनाई गई है. झारखंड हाई कोर्ट ने नियोजन नीति मामले में सोमवार को बड़ा फैसला देते हुए स्थानीय लोगों के लिए 100 फीसद आरक्षण को गलत ठहाराया है.
झारखंड सरकार द्वारा बनाए व लागू किए गए नियोजन नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर कोर्ट की पूर्ण पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया है.
राज्य के अनुसूचित 13 जिलों के सभी पद स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. पूर्व में सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था.
सुनवाई के दौरान पूर्ण पीठ के सभी जज इस बात पर एकमत हुए कि विज्ञापन संख्या 21 के कुछ खंड को अनुसूचित जिले के लिए नए सिरे से विज्ञापन प्रकाशित करने का निर्देश दिया. राज्य के अनुसूचित जिलों में पहले से की गई नियुक्तियां भी रद्द कर दी गई हैं. इसके अलावा राज्यपाल के द्वारा जारी अधिसूचना को भी खारिज कर दिया गया. गैर अनुसूचित जिलों में नियुक्ति होती रहेगी.

