दिल्ली: पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी बैंक के ग्राहकों के लिए बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने क्रेडिट पॉलिसी के ऐलान के बाद कहा है कि संकट का सामना कर रहे पीएमसी बैंक की पुनर्संरचना के लिए तीन निवेशकों ने प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं.
शक्तिकांत दास ने कहा कि निवेशकों के द्वारा मिले प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीएमसी बैंक रिजर्व बैंक (RBI) से संपर्क करेगा. बता दें कि आरबीआई की मौद्रिक नीति के ऐलान के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा था कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है कि उन्हें पीएमसी बैंक के लिए तीन प्रस्ताव मिले हैं.
शक्तिकांत दास का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी भी मिली है कि पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी बैंक खुद भी इन प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रहा है. बता दें कि पीएमसी बैंक के प्रशासक एके दीक्षित ने पिछले महीने कहा था तीन संभावित निवेशकों को उनके अंतिम प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए एक फरवरी 2021 तक का समय दिया गया था. बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक के ऊपर 23 सितंबर 2019 को कई नियामकीय अंकुश लगा दिए थे. दरअसल, उस दौरान पीएमसी बैंक में कई बड़ी वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं.
RBI को पिछले साल सितंबर 2019 में पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक में चल रहे कथित घोटाले की जानकारी हुई थी. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पाया था कि पीएमसी बैंक ने लगभग दिवालिया हो चुकी एचडीआईएल को दिये 4,355 करोड़ रुपये के ऋणों को छिपाने के लिए कथित तौर पर फर्जी खाते बनाए गए थे.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उस समय सख्त कदम उठाते हुए पीएमसी बैंक (PMC Bank) से पैसे निकालने पर लिमिट लगाने के साथ कई पाबंदियां लगा दी थीं. मामले की शुरुआत में अकाउंट से 50 हजार रुपये कैश निकालने की लिमिट लगाई गई थी लेकिन बाद में उस सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया था.

