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आइएएस और आइएफएस के बीच बड़ा अंतर: 34 वरीय आइएफएस अफसरों की प्रोन्नति बाधित, राष्ट्रपति से भी लगा चुके हैं गुहार

by bnnbharat.com
July 20, 2019
in समाचार
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1990 बैच के आइएएस हो गए प्रधान सचिव, इस बैच के आइएएफ को प्रमोशन ही नहीं

राज्य प्रतिनियुक्ति को आइएफएस अधिकारियों के 21 पद, सिर्फ आठ ही सिविल सेवा में

रांची: झारखंड कैडर के आइएएस(भारतीय प्रशासनिक सेवा) और आइएफएस(भारतीय वन सेवा) अधिकारियों के बीच बड़ा अंतर है। प्रोन्नति के मामले में आइएफएस अफसर आइएएस से पीछे हैं। 31 वरीय आइएफएस अफसरों की प्रोन्नति बाधित हो गई है। इसको लेकर झारखंड आइएफएस एसोसिएशन राष्ट्रपति से गुहार भी लगा चुका है। 1988 बैच के अफसरों को अब तक प्रोन्नति नहीं मिल पाई है। वहीं 1991 से 1993 बैच के अफसरों की प्रोन्नति बाधित है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक(पीसीसीएफ) में चार,

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक(एपीसीसीएफ) में 15,

मुख्य वन संरक्षक(सीसीएफ)में 15 अफसरों की प्रोन्नति पिछले एक साल से लंबित है। वहीं आइएएस कैडर में 1990 बैच के अफसरों को लगभग डेढ़ साल पहले ही प्रधान सचिव रैंक में प्रोन्नति मिल चुकी है।

राज्य प्रतिनियुक्ति में भी 13 पद खाली

राज्य प्रतिनियुक्ति में भी आइएफएस अफसरों के 13 पद रिक्त हैं। प्रावधान के अनुसार राज्य प्रतिनियुक्ति के लिए आइएफएस के 21 पद हैं। वर्तमान में सिर्फ आठ आइएफएस अफसर ही राज्य की सिविल सेवा में तैनात हैं। इसमें

एके रस्तोगी (वन विभाग में विशेष सचिव),

डीके सक्सेना (विशेष सचिव महिला बाल विकास),

रवि रंजन (स्कील डेवलपमेंट),

अशोक कुमार( ज्रेडा),

सर्वेश सिंघल (आइटी में विशेष सचिव),

सिद्धार्थ त्रिपाठी (मनरेगा आयुक्त),

मनीष तिवारी (आपदा प्रबंधन विभाग) में तैनात हैं।

एक अन्य अफसर पांडयेन की भी राज्य प्रतिनियुक्ति में जाने की मंजूरी मिली है।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में भी झारखंड के आइएफएस को जगह नहीं

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में भी झारखंड के आइएफएस अधिकारियों को जगह नहीं मिल रही है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आइएफएस के 17 पद हैं।

वर्तमान में तीन अफसर ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसमें एमपी सिंह इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ फूड साइंसेज बंगलुरू में निदेशक के पद पर हैं। आरके वाजपेयी इंदिरा गांधी नेशल फॉरेस्ट अकादमी देहरादून में पदस्थापित हैं। डीके तेवतिया भी देहरादून में पदस्थापित हैं। वहीं दो आइएफएस आशीष रावत और संजय श्रीवास्तव को अब तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाने की अनुमति नहीं मिली है। इनकी फाइल पिछले एक साल से चक्कर काट रही है।
दूसरे राज्य में आइएफएस को मिला है सचिव का पद
झारखंड में आइएफएस अफसरों को विशेष सचिव का पद मिलता है। वहीं कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में राज्य प्रतिनियुक्ति में आइएफएस को सचिव का पद मिलता है। यहां पीसीसीएफ रैंक के अफसर भी विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं। एके रस्तोगी पीसीसीएफ रैंक के अफसर हैं, लेकिन वन विभाग में वे विशेष सचिव के पद पर पदस्थापित हैं।

कौन पद किसकी बराबरी में

प्रधान मुख्य वन संरक्षक(हेड आॅफ फोर्स) आइएएस कैडर के सीएस रैंक के बराबर का होता है। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक का पद प्रधान सचिव रैंक के बराबर का होता है और मुख्य वन संरक्षक का पद सचिव रैंक के बराबर का होता है। झारखंड में आइएफएस के 141 पद हैं।

कामिनी रांची

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