BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

बिहार विधानसभा चुनाव: नीतीश होंगे एनडीए का चेहरा, महागठबंधन से तेजस्वी देंगे टक्कर

by bnnbharat.com
September 25, 2020
in समाचार
बिहार में सब कुछ भगवान भरोसे, मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को किया बर्बाद: तेजस्वी यादव
Share on FacebookShare on Twitter

बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए और तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन के बीच बिछाई जा रही है. इन दोनों प्रमुख चेहरों के अलावा भी कई ऐसे चेहरे और दल हैं, जो बिहार की सियासत में किंगमेकर बनने का सपना संजोय हुए हैं. ऐसे में देखना है कि इस बार बिहार की सियासी बाजी किसके हाथ में लगेगी.

नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए

बिहार में मुख्यमंत्री व जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के चेहरे के सहारे बीजेपी एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति अपनाई है. जेपी आंदोलन से निकले नीतीश कुमार एक दौर में लालू यादव के सारथी रहे हैं, लेकिन जार्ज फर्नांडिस के साथ मिलकर समता पार्टी का गठन किया और बाद शरद यादव के साथ मिलकर जेडीयू बनाई और सत्ता हासिल की. नीतीश पिछले 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज हैं और एक बार फिर से सत्ता में वापसी के लिए बेचैन नजर आ रहे हैं.

ऐसे में नीतीश के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा जेडीयू, बीजेपी, जीतनराम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा और चिराग पासवान की एलजेपी है. हालांकि, एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन सकी है, जिसके चलते चिराग पासवान ने लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ आक्रमक रुख अख्तियार कर रखा है.

तेजस्वी की अगुवाई में महागठबंधन

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जेल जाने के बाद उनकी राजनीतिक विरासत उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव के कंधों पर है. तेजस्वी यादव इस बार बिहार की सियासी रणभूमि में महागठबंधन की अगुवाई कर रहे हैं. तेजस्वी के साथ कांग्रेस खड़ी है और वामपंथी दल भी सारथी बन चुके हैं. ऐसे में नीतीश को सीधे मैदान में उतरकर ललकार रहे हैं. हालांकि, तेजस्वी यादव को लेकर महागठबंधन में महाभारत मचा है. तेजस्वी के चलते ही जीतनराम मांझी महागठबंधन का साथ छोड़कर एनडीए खेमे में जा चुके हैं और आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा बागी तेवर अख्तियार किए हुए हैं. ऐसे में तेजस्वी के कंधों पर पिता की विरासत को बचाने के साथ-साथ सत्ता को भी हासिल करने की चुनौती है.

चिराग के सामने विरासत बचाने की चुनौती

बिहार में दलितों को राजनीतिक विकल्प देने के लिए रामविलास पासवान ने एलजेपी की बुनियाद रखी थी, जिसकी कमान इन दिनों उनके बेटे चिराग पासवान के हाथों में है. चिराग वैसे तो एनडीए का हिस्सा हैं लेकिन साथ होकर भी विरोधी छवि अबतक चिराग ने बरकरार रखी है. कोरोना संकट में चुनाव कराने की बात हो, प्रवासी मजदूरों का मुद्दा हो, सुशांत केस हो- हर जगह चिराग ने जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. चिराग अपनी अलग छवि के तौर पर बिहार में अपनी पहचान बनाने में जुटे हैं. बिहार के युवाओं को जोड़ने के लिए चिराग पासवान ने बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट का नारा दिया है. ऐसे में देखना है कि चिराग पिता की राजनीतिक विरासत को कहां ले जाते हैं.

उपेंद्र कुशवाहा की डगर कठिन है

आरएलएसपी के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा फिलहाल महागठबंधन के साथ हैं. लेकिन आरजेडी को लेकर आक्रमक हैं. कुशवाहा ने अल्टीमेटम दे रखा है. हालांकि, कभी वो नीतीश कुमार के सबसे करीबी नेताओं में रहे हैं, लेकिन राजनैतिक महत्वाकांक्षा में उन्होंने 2013 में अलग आरएलएसपी गठित कर ली. 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नाम पर नीतीश कुमार एनडीए से अलग हुए थे तो उपेंद्र कुशवाहा ने एंट्री मारी थी. उस समय कुशवाहा काराकट सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे. मोदी सरकार में मंत्री बने, लेकिन नीतीश की दोबारा एनडीए में वापसी होते ही कुशवाहा साइड लाइन हो गए.

2019 लोकसभा चुनाव से पहले उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए से बाहर हो गई. कुशवाहा आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल हो गए. महागठबंधन में आरजेडी के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़े पर जीत नहीं सके. उपेंद्र कुशवाहा कोइरी जाति से आते हैं, जिनकी जनसंख्या बिहार की कुल आबादी का 8 प्रतिशत है. इसी वोट के दम पर वह सियासी बाजी अपने नाम करना चाहते हैं.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

बिहार विधानसभा चुनाव 2020

Next Post

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Next Post
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन को पुलिस ने किया गिरफ्तार

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d