BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

Bihar Election 2020: बिहार के दो बिहारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बड़ा झटका देने की तैयारी में

by bnnbharat.com
October 6, 2020
in समाचार
Bihar Election 2020: दल-बदल करने वाले छत्रप बिगाड़ेंगे गठबंधनों का खेल
Share on FacebookShare on Twitter


नई दिल्ली: राज्य की डबल इंजन की सरकार के ड्राइवर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार के दो बिहारी बड़ा झटका देने की तैयारी में हैं. दिलचस्प है कि दोनों बिहारी न केवल युवा हैं, बल्कि अपनी पार्टी की राजनीति के वाहक भी हैं. ये युवा हैं लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान और राजद के मुख्यमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार तेजस्वी यादव. रोचक पक्ष यहीं खत्म नहीं होता. बिहार की अस्मिता के  मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे चिराग पासवान, ठेठ बिहारी की स्टाइल में राजनीति करने वाले तेजस्वी को अपना छोटा भाई भी मानते हैं.
 
खुद चिराग पासवान का कहना है कि उन्हें आसान रास्ता चुनना होता तो राजद के छोटे भाई तेजस्वी यादव से हाथ मिला लेते. अंदरखाने में यह खिचड़ी भी पक रही है. जिस तरह से नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा को जद (यू), भाजपा के खेमे में जोड़कर चिराग और तेजस्वी को झटका दिया, ठीक उसी तरह से चिराग का मनोबल तेजस्वी ने भी बढ़ाया. चिराग को भाजपा नेताओं से ऊर्जा मिली और उन्होंने नीतीश कुमार को उससे बड़ा झटका देने के लिए अपनी जिद बनाए रखी. चिराग की इस घोषणा ने सबको हैरान कर दिया कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में जद (यू) के खिलाफ प्रत्याशी उतारेगी. भाजपा और एनडीए के साथ जुड़ी रहेगी. भाजपा के साथ फ्रेंडली फाइट होगी और लोजपा बिहार में जद (यू) की ‘जड़ों में मट्ठा’ डालने का काम करेगी.

तेजस्वी का राजनीतिक बदला भी पूरा

नीतीश कुमार ने राम विलास और चिराग की लोजपा को चित करने के लिए मांझी की ‘हम’ को मिलाया था. यह तेजस्वी के लिए झटका था. अब चिराग ने जो किया है, वह जद (यू) के लिए झटका है. महादलित के नेता नीतीश कुमार के साथ गए तो बिहार में दलितों की पार्टी अलग हो गई. वोटों की काट में नीतीश कुमार का गणित कुछ ज्यादा गड़बड़ाता जा रहा है. बिहार की राजनीति के जानकार कहते हैं कि मुसलमान पहले से नीतीश कुमार की समझौतावादी नीतियों को लेकर भड़का हुआ है. बाढ़ और कोविड-19 संक्रमण काल में मजदूरों के घर लौटने और बिहार सरकार के स्टैंड ने भी निचले तबके में खास नाराजगी पैदा कर दी है. दूसरे उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा ने राजद का साथ राजग की आस में छोड़ा, लेकिन नीतीश के राजनीतिक अहंकार ने उसे भी यहां फटकने नहीं दिया. जबकि उपेन्द्र कुशवाहा की रालोसपा भी कोइरी, कुशवाहा समाज में पकड़ रखती है. यह नीतीश कुमार की कुर्मी बिरादरी के साथ जुड़ने वाली जाति है. कुशवाहा बसपा के साथ चुनाव लड़ रहे हैं. कुल मिलाकर दलित वोटों का भी जद (यू) को झटका लगने के पूरे आसार हैं.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

रिया चक्रवर्ती की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ी, 20 अक्टूबर को होगी पेशी

Next Post

Hathras Case: ‘साजिश’ का खुलासा होने के बाद मथुरा से 4 युवक गिरफ्तार, PFI से हैं संबंध

Next Post
Hathras Case: ‘साजिश’ का खुलासा होने के बाद मथुरा से 4 युवक गिरफ्तार, PFI से हैं संबंध

Hathras Case: 'साजिश' का खुलासा होने के बाद मथुरा से 4 युवक गिरफ्तार, PFI से हैं संबंध

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d