BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

Bihar Election: BJP नीतीश से दूर जाने के मूड में नहीं है, बढ़ी चिराग की चुनौती

by bnnbharat.com
October 14, 2020
in समाचार
Bihar Election: BJP नीतीश से दूर जाने के मूड में नहीं है, बढ़ी चिराग की चुनौती
Share on FacebookShare on Twitter

पटना/नई दिल्ली: बिहार चुनाव में भाजपा की रणनीति में थोड़ा बदलाव हुआ है. पार्टी के रणनीतिकार जदयू और नीतीश कुमार से संबंधों को बदतर स्थिति में ले जाने के पक्ष में नहीं हैं. जाहिर तौर पर इस नई रणनीति का सर्वाधिक असर लोजपा पर पड़ेगा. जाहिर तौर पर सरकार बनाने में लोजपा की जरूरत ही अब इस पार्टी का भविष्य तय करेगी. 

लोजपा के पीएम मोदी के नाम पर अलग ताल ठोकने के बाद जदयू की निगाह में भाजपा संदेह के घेरे में थी. लोजपा की अलग चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद कई भाजपा नेताओं के पाला बदलने से जदयू का संदेह और पुख्ता हुआ.  इस कारण शुरुआती दौर में दोनों दलों के बीच खटपट भी हुई।.अब भाजपा इस संदेह को दूर करने में जुट गई है। इसके तहत पीएम मोदी और नीतीश की साझा रैलियां, साझा घोषणा पत्र जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है। जदयू की नाराजगी दूर करने के लिए ही सोमवार को भाजपा की राज्य इकाई ने पाला बदलने वाले एक दर्जन नेताओं को एक हफ्ते बाद निष्कासित किया.

वोट बंटवारे का डर

सूत्रों का कहना है कि भाजपा की रणनीति में बदलाव की बड़ी वजह समर्थक वोटों में बंटवारे का डर है. असल में चिराग का एक सूत्रीय एजेंडा पीएम मोदी के नाम पर वोट मांगने का है. इसके अलावा कुछ दिनों पूर्व उन्होंने विपक्षी महागठबंधन के सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव की तारीफ की थी. ऐसे में यह संदेश गया कि चिराग विपक्षी वोट हासिल करने के बदले राजग के वोटों में बिखराव की स्थिति पैदा कर सकते हैं.

नीतीश अब भी जरूरत क्यों

भाजपा और जदयू के बीच दूरी के कारण भाजपा को 12 फीसदी कुर्मी-कुशवाहा वोटरों के नाराज होने का डर सता रहा है। इसके अलावा नीतीश की महादलितों और कुछ अति पिछड़ी जातियों में भी पैठ है. जाहिर है लोजपा के मामले में जारी खींचतान से नीतीश के समर्थक जातियों में नाराजगी पैदा हो सकती है.

बढ़ी चिराग की चुनौती

विधानसभा चुनाव के बाद लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान को तीन लक्ष्य हासिल करने हैं. पहला अपनी मां को राज्यसभा भेजना. दूसरा केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपने पिता की जगह शामिल होना और तीसरा पार्टी की विरासत मामले में अपने नाम पर अंतिम मुहर लगवाना. जाहिर तौर पर चिराग अपना तीनों लक्ष्य तभी हासिल कर पाएंगे जब वह चुनाव के बाद राजग की विकल्पहीन जरूरत बने रहें. मतलब लोजपा के बिना राजग वहां सरकार नहीं बना पाए. इसके उलट स्थिति में चिराग के लिए तीनों लक्ष्य को भेदना मुमकिन नहीं रहेगा/ जदयू किसी कीमत पर राज्यसभा भेजने के मामले में इस बार मदद नहीं करेगी, जबकि विरासत के सवाल पर पार्टी में अलग से जंग छिड़ेगी. रामविलास पासवान के निधन के बाद चिराग को जहां सहानुभूति की आस है, वहीं यदि चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा, तो दिल्ली के साथ-साथ बिहार में भी नुकसान की आशंका बलवती हो सकती है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

मरा समझ भाई ने फ्रीजर में रख दिया बुजुर्ग को, 20 घंटे बाद भी निकला जिंदा

Next Post

‘बिहार में आतंकी लेंगे पनाह ‘ केंद्रीय मंत्री के विवादित बयान पर गरमाई राजनीति, BJP ने किया बचाव

Next Post
‘बिहार में आतंकी लेंगे पनाह ‘ केंद्रीय मंत्री के विवादित बयान पर गरमाई राजनीति, BJP ने किया बचाव

'बिहार में आतंकी लेंगे पनाह ' केंद्रीय मंत्री के विवादित बयान पर गरमाई राजनीति, BJP ने किया बचाव

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d