नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी बिहार में अपनी छवि सुधारने और पार्टी के बागी नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा रही है. साथ ही पार्टी में टिकटों को लेकर हंगामा मचा हुआ है.
इसी हंगामें के बीच बीजेपी ने अपनी पार्टी से 9 बागियों को बाहर निकाल दिया है. इन सभी को पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया गया है. इनमें से ज्यादातर अब लोजपा में शामिल हो गए हैं. बताया जा रहा है कि इन बागियों को लोजपा से टिकट मिल रही है.
बीजेपी पार्टी से निकाले गए इन बागियों में प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय मंत्री रहे रामेश्वर चौरसिया, पूर्व विधायक डॉ. ऊषा विद्यार्थी, विधायक रवींद्र यादव, इंदु कश्यप, श्वेता सिंह, अनिल कुमार, मृणाल शेखर और अजय प्रताप शामिल हैं. इन पर बीजेपी ने कार्रवाई करने की भी बता कही है.
इस बारे में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने सभी बागियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया है. बीजेपी से निकाले गए नेताओं पर आरोप लगे हैं कि इन बागियों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के तय किए गए प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे, जिससे उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल होने का दोषी माना गया हैं.
पार्टी का कहना है कि नेताओं के ऐसे रवैये से बीजेपी की छवि धूमिल हो रही है और इसलिए वे पार्टी में रहने के लायक नहीं है. इन बातों के मद्देनजर उनकी प्राथमिक सदस्यता खत्म कर दी गई है.
बताते चलें कि रामेश्वर चौरसिया लोजपा में शामिल हो गए थे. दरअसल, लोजपा, एनडीए के बागी नेताओं का नया ठिकाना बन गई है. ज्ञात हो कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए तीन चरणों में मतदान होना है. परिणाम 10 नवंबर को ही घोषित कर दिए जाएंगे.

