बिहार: चुनाव के मौसम वैज्ञानिक रामविलास पासवान और उनकी पार्टी क्या इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन कांग्रेस और राजद के साथ जाएगी? क्योंकि NDA मे सब कुछ ठीक नहीं है वैसे भी रामविलास पासवान मौका देखकर है अपने पत्ते खोलते हैं और वह हमेशा सत्ता में ही रहते हैं.
कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने रविवार को कहा कि महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बारे में राजनीतिक फायदे को ध्यान में रखकर फैसला किया जाएगा और अगर लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) महागठबंधन में शामिल होना चाहेगी तो कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के साथ इस पर विचार करेगी. अगर रामविलास पासवान आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ रहेंगे तो उन्हें बड़ा नुकसान होगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण को मौलिक अधिकार नहीं बताने पर केंद्र सरकार खामोश रही.
गोहिल के इस बयान की इस संदर्भ में अहमियत है कि चिराग पासवान के बयानों के चलते इन दिनों राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में कथित दरार की खबरें हैं. पिछले कुछ हफ्तों में चिराग पासवान ने कई मौकों पर नीतीश कुमार की परोक्ष आलोचना की है तथा हाल ही में NDA को अक्षुण्ण बताने वाले लोजपा के मुंगेर जिलाध्यक्ष राघवेंद्र भारती को उनके पद से हटा दिया गया.
एनडीए में बिखराव होने वाला है- चिराग पासवान के हालिया बयानों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने दावा किया, एनडीए में बिखराव होने वाला है क्योंकि भाजपा जरूरत के हिसाब से सहयोगी दलों का इस्तेमाल करती है और फिर धोखा देती है. शिवसेना को देखिए. उसका भाजपा ने पहले इस्तेमाल किया और फिर उसके साथ किए गए वादे तोड़ दिए. नीतीश कुमार और रामविलास के साथ भी भाजपा यही करेगी.
पासवान दरवाजा खटखटाएंगे तो हम विचार करेंगे कांग्रेस के बिहार प्रभारी ने यह भी कहा, अगर पासवान जी भाजपा के साथ रहे तो उनका वोट बैंक खिसक जाएगा क्योंकि जब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है तो केंद्र की राजग सरकार चुप रही. ऐसे में अगर भाजपा के साथ रहेंगे तो पासवान जी को बहुत बड़ा नुकसान होगा. यह पूछे जाने पर कि क्या महागठबंधन के दरवाजे पासवान के लिए खुले हुए हैं तो गोहिल ने कहा कि जब वह दरवाजा खटखटाएंगे तो हम अपने सहयोगी दलों के साथ विचार करेंगे और कोई फैसला करेंगे.

