पटना: राजधानी का महंगा होटल, होटल का सबसे बड़ा हॉल, हॉल में बैठे तकरीबन 30 लोग, ये है भारतीय जनता पार्टी का डिजिटल कैंपेन सेंटर, यहां तीन शिफ्ट में काम होता है. हर शिफ्ट का एक प्रभारी है. हर शिफ्ट में काम करने वालों के खाने-पीने का प्रबंध भी है. पार्टी के बड़े नेताओं को यहां की जिम्मेदारी दी गई है. चुनाव तक के लिए मीडिया विंग को यहीं भेज दिया गया है. पार्टी के प्रदेश स्तर के प्रवक्ता भी यहीं बैठ रहे हैं.
दो पाली में जदयू कार्यालय में काम
जदयू के कार्यालय में ही जदयू की वर्चुअल यूनिट है. जगह तो यहां भी काफी है लेकिन लोग भाजपा के मुकाबले थोड़े कम. यहां दो पाली में काम हो रहा ह. वीडियो संदेश, बल्क फोन कॉल्स, संदेश के साथ-साथ सोशल मीडिया पर प्रचार का प्रबंधन यहीं से हो रहा है. यहां काम करने वालों पर पार्टी के नेताओं की नजर रहती है. तकनीकी दृष्टि से जदयू का सेटअप भाजपा के मुकाबले ज्यादा अच्छा बताया जा रहा है लेकिन कर्मचारियों और काम लेने वालों के मामले में भाजपा काफी आगे है.
VIP भी कम नहीं
वर्चुअल प्रचार के लिए तैयारियों के मामले में मुकेश सहनी की वीआईपी भी कम नहीं है. पटना के पॉश इलाके में पार्टी ने अपने कार्यालय में ही बड़ा सेटअप लगा रखा है. पार्टी की डिजिटल टीम में पेशेवर लोग हैं. कार्यालय के इस हिस्से में आने पर लगता है जैसे आप किसी कॉर्पोरेट ऑफिस में पहुंच गए हैं.
राजद की समाजवादी सोच
इस मामले में राजद बाकी दलों से पीछे है. राजद के डिजिटल सेंटर पर समाजवादी सोच की झलक दिख रही है. यहां काम करने वाले लोगों की संख्या भी बाकी की तुलना में काफी कम है. कांग्रेस के डिजिटल विंग का हाल कुछ अलग ही है. पार्टी के प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में जाकरआपको इसे खोजना पड़ेगा. यहां दो-तीन लोग बेहद कम रोशनी में काम करते हुए दिखते हैं.
व्हाट्सएप और फेसबुक भी सहारा
पप्पू यादव की जाप का कार्यालय उनके आवासीय भवन से ही संचालित होता है. इसी कार्यालय के एक छोटे से कमरे में चार लैपटॉप रखे हुए हैं. यहां कभी दो, कभी तीन तो कभी चार लोग काम करते हुए दिखते हैं. जाप ने सबसे ज्यादा फेसबुक पर ध्यान दिया है. रालोसपा फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए वर्चुअल प्रचार करती है. पार्टी ने इसके लिए कुछ लोगों को हायर किया है.
यशवंत सिन्हा की यूडीए ने पटना के पॉश इलाके में अपना चुनावी कार्यालय खोला है. इसी कार्यालय में सोशल मीडिया विंग को तैनात किया गया है. सूत्र बता रहे हैं कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए काम करने वाले पेशेवर लोगों को इस विंग में रखा गया है.

