स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गुरुवार को प्रदेश के सभी जनपदों में विश्व गर्भ निरोध दिवस मनाया जायेगा। इस दौरान गर्भ निरोध साधनों के प्रति जानकारी बढ़ाने, युवा दम्पतियों को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर सूचित विकल्प देकर अपने परिवार के प्रति निर्णय लेने के लिये सक्षम बनाने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
महानिदेशक परिवार कल्याण डॉक्टर उमाकान्त के अनुसार गर्भनिरोध दिवस पर प्रदेश के सभी जिला मण्डलीय चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और आरोग्य केन्द्रों पर आयोजन होंगे। इसके अलावा राजकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर सभी स्वस्थ्यकर्ताओं को भी गर्भ निरोध दिवस के रूप में मनाने की महत्ता पर जानकारी दी जायेगी।
परिवार कल्याण महानिदेशक ने मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजे गये पत्र में निर्देश दिया है कि विश्व गर्भ निरोध दिवस पर स्वास्थ्य केन्द्रों पर सभी आधुनिक परिवार नियोजन के साधनों विशेषकर आधुनिक अन्तराल विधियों का स्टाल लगाकर प्रदर्शन किया जाये। वहीं परिवार नियोजन के सूचित विकल्प देने के लिए राजकीय अस्पतालों पर परामर्श सत्रों का आयोजन किया जाए। पत्र में कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये आशा बहुओं की ओर से नवदम्पतियों को नयी पहल किट उपलब्ध की बात कही गयी है। इसके अलावा जनपदों में सास-बहू सम्मेलन भी आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि सरकारी योजना के अंतर्गत नवदम्पतियों को शादी के दो वर्ष बाद पहला बच्चा, पहले और दूसरे बच्चे के बीच तीन वर्ष का अन्तर और उसके बाद नसबन्दी करवाने का परामर्श देना योजना के तहत आशा बहुओं को प्रोत्साहन का भुगतान होता है। नवदम्पति की शादी के बाद दो वर्ष के अन्तराल एवं पहले बच्चे के बाद तीन वर्ष का अन्तराल रखने पर आशा बहुओं को पांच-पांच सौ रुपये तथा दो बच्चों के बाद स्थायी साधन अपनाने पर हर आशा को एक-एक हजार रुपये बतौर प्रोत्साहन घनराशि दी जाती है।

